सुखबीर सिंह बादल से मिले BJP प्रवक्ता जयवीर शेरगिल, नांदेड़ हमले के बाद जल्द स्वस्थ होने की दुआ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने रविवार, 16 अगस्त 2026 को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। नांदेड़ गुरुद्वारे में हुए हमले में 150 टांके लगने के बाद बादल अभी भी उपचाराधीन हैं।
मुलाकात का विवरण
शेरगिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए बताया कि उन्होंने अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और BJP पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार तेजिंदर सिंह बिट्टू से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने दोनों नेताओं के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
गौरतलब है कि सुखबीर सिंह बादल को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारे में हुए हमले के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और शरीर पर 150 टांके लगाए गए। बाद में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
हमले का घटनाक्रम
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को नांदेड़ गुरुद्वारे में निहंग वेशधारी एक व्यक्ति ने हमला किया था। यह पहली बार नहीं है जब उन पर इस तरह का हमला हुआ हो — दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उन पर हमले की कोशिश हो चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।
हरसिमरत की NIA जांच की मांग
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इन हमलों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की माँग की है। उन्होंने हमले में इस्तेमाल 'किरपान' और घायल हाथ की तस्वीरें भी साझा कीं।
हरसिमरत ने इसे एक बड़ी साजिश बताते हुए पंजाब पुलिस और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के हमले का आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है और कथित तौर पर उसका संबंध ISI से है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का पहलू
सांसद ने अपने पत्र में चिंता जताई कि राजनीतिक और धार्मिक आधार पर हिंसा को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरु घरों जैसी पवित्र धार्मिक स्थलों पर बार-बार होने वाली हिंसक घटनाएँ न केवल सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि पंजाब और देश की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं।
हरसिमरत के अनुसार, पंजाब एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यदि किसी उग्रवादी, अंतरराज्यीय या विदेशी नेटवर्क की भूमिका है, तो उसकी व्यापक जांच होनी चाहिए — इन घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था का मामला मानकर नहीं छोड़ा जा सकता।
आगे क्या होगा
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से NIA जांच पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस मामले पर तीखी बहस जारी है और सिख समुदाय में भी गहरी चिंता व्याप्त है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार का रुख इस मामले की दिशा तय करेगा।