नांदेड़ हमला: PM मोदी ने सुखबीर सिंह बादल का हाल जाना, हमलावर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त 2026 को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए चाकू हमले के बाद उनकी पत्नी एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बादल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। हमलावर को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया है और दोनों घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, जसपाल सिंह नामक व्यक्ति ने गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी, नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर धारदार हथियार से हमला किया। हमले को रोकने की कोशिश में इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे भी घायल हो गए। दोनों के हाथों में चोटें आईं और उन्हें यशो साई अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री योगेश कदम ने बताया कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उसी गुरुद्वारे में स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहा था। हमले के तुरंत बाद उसे हिरासत में ले लिया गया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से सीधे संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा में हुई किसी भी चूक की जांच के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नांदेड़ के एसपी से घटना की जानकारी ली और पुलिस को हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने तथा मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए। गृह मंत्री कदम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और महानिरीक्षक (आईजी) स्तर पर भी इस पर नज़र रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और जांच
हमले के बाद नांदेड़ पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में मामले की विस्तृत जांच जारी है। घायल सुखबीर सिंह बादल और इंस्पेक्टर केंद्रे की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतज़ार है, हालांकि अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब सुखबीर सिंह बादल पहले से ही अकाली दल के भीतर राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में हमले के पीछे के मकसद और किसी संभावित साजिश की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।