सुखबीर सिंह बादल से मिले BJP प्रवक्ता जयवीर शेरगिल, नांदेड़ हमले के बाद 150 टांकों से गुज़र रहे इलाज
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ गुरुद्वारे में हुए हमले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने रविवार, 16 अगस्त को उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य का जायज़ा लिया। बादल को गंभीर चोटें आई हैं और उनके 150 टांके लगे हैं; फिलहाल उनका इलाज जारी है।
मुलाकात और स्वास्थ्य की स्थिति
शेरगिल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने सुखबीर सिंह बादल और BJP पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष तेजिंदर सिंह बिट्टू से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बादल का उपचार अभी भी जारी बताया जा रहा है।
नांदेड़ हमले का घटनाक्रम
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक गुरुद्वारे में निहंग वेशधारी व्यक्ति ने हमला किया था। यह ऐसे समय में आया है जब इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उन पर हमले की कोशिश हो चुकी है — यह दूसरी बड़ी वारदात है।
NIA जाँच की माँग
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इन हमलों की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने हमले में इस्तेमाल 'किरपान' और घायल हाथ की तस्वीरें भी साझा कीं।
आप सरकार और पंजाब पुलिस पर सवाल
हरसिमरत कौर ने इसे बड़ी साजिश बताते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और पंजाब पुलिस पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि 2024 के हमले का आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है और कथित तौर पर उसका संबंध आईएसआई से है। गौरतलब है कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
व्यापक सुरक्षा चिंताएँ
सांसद ने अपने पत्र में चेताया कि राजनीतिक और धार्मिक आधार पर हिंसा को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार गुरु घरों जैसे पवित्र स्थलों पर बार-बार होने वाली हिंसक घटनाएँ सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने के साथ-साथ पंजाब और देश की छवि को भी नुकसान पहुँचा सकती हैं। यदि किसी उग्रवादी, अंतरराज्यीय या विदेशी नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो व्यापक जाँच अपरिहार्य होगी — यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहिए।