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बदायूं में कच्चा मकान गिरा: मलबे में दबकर डेढ़ साल के रोहन की मौत, यूपी में बारिश से 3 की जान गई

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बदायूं में कच्चा मकान गिरा: मलबे में दबकर डेढ़ साल के रोहन की मौत, यूपी में बारिश से 3 की जान गई

सारांश

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश ने एक ही दिन में तीन जिंदगियाँ निगल लीं — बदायूं में कच्चा मकान ढहा और डेढ़ साल का रोहन मलबे में दब गया, वहीं कायमगंज में दो किशोर पानी भरे खेत में डूब गए। बरेली से कन्नौज तक पानी ने गरीबों की जिंदगी थाम दी है।

मुख्य बातें

बदायूं में 27 सितंबर 2026 को कच्चा मकान ढहने से डेढ़ साल के रोहन की मौत; तीन अन्य घायल।
गजेंद्र वर्मा , आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी, ने बच्चे को मृत अवस्था में लाए जाने की पुष्टि की।
कायमगंज के एक खेत में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की मौत; एनडीआरएफ और गोताखोरों ने शव निकाले।
बरेली में घुटनों तक पानी; दिहाड़ी मजदूर और ठेला चालक काम नहीं कर पा रहे।
कन्नौज के खांडे देवर में घर ढहा, परिवार 24 घंटे से बाहर; सरकारी मदद का इंतजार।

उत्तर प्रदेश के बदायूं में 27 सितंबर 2026 को भारी बारिश के चलते एक कच्चे मकान की दीवार और छत ढह गई, जिसके मलबे में दबकर डेढ़ साल के मासूम रोहन की मौत हो गई। बदायूं जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र वर्मा ने पुष्टि की कि बच्चे को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसी दिन कायमगंज इलाके में बारिश के पानी से भरे खेत में डूबने से दो किशोरों की भी मौत हो गई।

मुख्य घटनाक्रम

बदायूं में तीन दिनों की लगातार बारिश से जर्जर हो चुके कच्चे मकान की दीवार और छत अचानक ढह गई। इस हादसे में परिवार के पाँच सदस्य मलबे में फंस गए। डॉ. गजेंद्र वर्मा ने बताया, 'दो लोग आए थे, जो कि मकान ढहने की वजह से नीचे दब गए थे। उसमें डेढ़ साल का रोहन नाम का बच्चा मृत अवस्था में यहाँ लाया गया था। कालीचरण नाम के एक व्यक्ति को सीने में चोट लगी है। उनका इलाज चल रहा है।' घटना में कुल तीन लोग घायल हुए हैं।

पीड़ित परिवार ने बताया, 'कच्चा मकान था, तीन दिनों से बारिश हो रही थी। कच्चा मकान था, जो गिर गया और इसमें बच्चे की मौत हो गई।' यह हादसा इस बात की त्रासद याद दिलाता है कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में लाखों परिवार अब भी कच्चे और अर्ध-पक्के मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो मानसून में जानलेवा साबित होते हैं।

कायमगंज में दो किशोरों की डूबकर मौत

कायमगंज इलाके में 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे बारिश के पानी से भरे खेत में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। सीओ अजय वर्मा ने बताया कि थाना कायमगंज को सूचना मिली कि 'ग्राम कटरा रहमद खां से कुछ दूरी पर स्थित एक खेत में पानी भरे होने के कारण कुछ बच्चे उसमें नहा रहे थे। इस दौरान दो बच्चों के डूबने से मृत्यु हो गई।' एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और दोनों शव निकाले गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अधिकारियों ने जाँच के आदेश दिए हैं।

बरेली और कन्नौज में बाढ़ का संकट

बरेली के कई इलाकों में सड़कों और घरों के भीतर घुटनों तक पानी भर गया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'इससे यहाँ बहुत दिक्कत हो रही है। हम यहाँ से निकल भी नहीं सकते। घरों में पानी भर गया है, यही सबसे बड़ी दिक्कत है। हमारे घर में घुटनों तक पानी भरा है।' दिहाड़ी मजदूर और ठेला चलाने वाले काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे आर्थिक संकट भी गहरा रहा है।

कन्नौज के खांडे देवर में चरण का घर भारी बारिश की वजह से ढह गया, जिससे दो बकरियाँ मर गईं और घर का सामान बर्बाद हो गया। परिवार 24 घंटे से अधिक समय से बाहर रह रहा है। एक निवासी ने कहा, 'हम बारिश में बहुत लाचार हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार कुछ मदद करेगी।'

आम जनता पर असर

भारी बारिश ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रोजमर्रा की जिंदगी को ठप कर दिया है। आवागमन बाधित होने से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचना भी मुश्किल हो गया है। कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब और असंगठित श्रमिक सबसे अधिक प्रभावित हैं, क्योंकि उनके पास न तो सुरक्षित आश्रय है और न ही आजीविका का वैकल्पिक साधन।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना है। प्रभावित परिवार सरकारी राहत और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों ने कायमगंज डूबने की घटना की जाँच के आदेश दिए हैं, जबकि बदायूं हादसे में घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भरे हुए खेत, लाचार परिवार — और हर बार जाँच के आदेश। सवाल यह है कि जब करोड़ों की आबादी अब भी कच्चे-अर्ध पक्के मकानों में रहती है, तो 'प्रधानमंत्री आवास योजना' जैसी पहलों की ज़मीनी पहुँच कहाँ है? बाढ़ में डूबे खेत में बच्चों का नहाना और उनका डूब जाना यह भी दर्शाता है कि बाढ़-प्रवण इलाकों में सामुदायिक सतर्कता और निगरानी तंत्र अभी भी कागजों पर ही है। जब तक राहत 'मुआवजे' तक सीमित रहेगी और रोकथाम की नीति नहीं बनेगी, यह आँकड़े हर सितंबर दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बदायूं में मकान ढहने से किसकी मौत हुई?
बदायूं में 27 सितंबर 2026 को कच्चा मकान ढहने से डेढ़ साल के रोहन की मौत हो गई। बदायूं जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र वर्मा ने बच्चे को मृत अवस्था में लाए जाने की पुष्टि की है।
कायमगंज में डूबने की घटना में क्या हुआ?
27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे कायमगंज के ग्राम कटरा रहमद खां के पास बारिश के पानी से भरे खेत में नहाने गए दो किशोरों की डूबकर मौत हो गई। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने दोनों शव निकाले, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
यूपी में बारिश से कौन-कौन से जिले प्रभावित हैं?
27 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के बदायूं, बरेली, कायमगंज और कन्नौज सहित कई जिले भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं। बरेली में सड़कों और घरों में घुटनों तक पानी भरा है, जबकि कन्नौज में एक परिवार का घर ढह गया।
बाढ़ से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या असर पड़ा है?
भारी बारिश और बाढ़ से दिहाड़ी मजदूर और ठेला चालक काम नहीं कर पा रहे हैं। घरों में घुटनों तक पानी भर जाने से आवागमन और जरूरी सेवाओं तक पहुँच बाधित है, और कन्नौज में एक परिवार 24 घंटे से अधिक समय से घर के बाहर है।
बदायूं हादसे में घायलों का क्या हाल है?
मकान ढहने की घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। डॉ. गजेंद्र वर्मा के अनुसार, कालीचरण नाम के एक व्यक्ति को सीने में चोट लगी है और उनका इलाज बदायूं जिला अस्पताल में चल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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