सीतापुर में बाढ़ के पानी में डूबने से पिता-पुत्र समेत तीन की मौत, CM योगी ने लिया संज्ञान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में 3 अक्टूबर को बाढ़ के पानी में डूबने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें एक पिता-पुत्र की जोड़ी और उनका भतीजा शामिल हैं। महमूदाबाद तहसील के सरैया मसूदपुर गाँव में घटित इस हादसे के बाद पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजन गहरे सदमे में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
रामपुर मथुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरैया मसूदपुर के कुछ ग्रामीण बाढ़ से प्रभावित अपने खेतों की स्थिति का जायज़ा लेने निकले थे। इसी दौरान सुरेंद्र चौहान (पुत्र प्रेम नारायण, आयु 40 वर्ष), उनके पुत्र सौरभ चौहान (आयु 13 वर्ष) और उनके भतीजे शोभित (पुत्र जगदीश कुमार, आयु 17 वर्ष) खेत के समीप स्थित एक नाले के तेज़ बहाव और गहराई की चपेट में आ गए। तीनों पानी में डूब गए। जगदीश कुमार का दूसरा पुत्र सत्येंद्र कुमार सुरक्षित बताया जा रहा है।
खोज एवं बचाव अभियान
तीनों के लापता होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँच गए। गोताखोरों की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी में लगातार तलाश अभियान चलाया। अंततः तीनों के शव बरामद कर लिए गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
सीओ महमूदाबाद का बयान
सीओ महमूदाबाद कपूर कुमार ने बताया कि शनिवार को थाना रामपुर मथुरा, जनपद सीतापुर के गाँव सरैया मसूदपुर से सूचना मिली कि गाँव के तीन लोग — पिता-पुत्र सुरेंद्र (40) व सौरभ (13) तथा भतीजा शोभित (17) — खेत की ओर जाते समय नाले में डूब गए। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों एवं गोताखोरों की मदद से शव बरामद किए गए।
मुख्यमंत्री योगी की प्रतिक्रिया और निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर की इस दुखद घटना का संज्ञान लिया और दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि SDRF की मदद से बचाव अभियान और तेज़ किया जाए तथा पीड़ित परिजनों से मिलकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जनपद बाढ़ की चपेट में हैं और राज्य सरकार राहत अभियानों की निगरानी कर रही है।
गाँव में शोक का माहौल
घटना के बाद सरैया मसूदपुर में गहरे शोक का वातावरण है। परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। गौरतलब है कि बाढ़ के दौरान खेतों का जायज़ा लेने जाना ग्रामीण इलाकों में एक सामान्य प्रवृत्ति है, जो अक्सर जानलेवा साबित होती है — यह हादसा इस खतरे की एक और कड़वी याद है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने की प्रक्रिया जारी है।