योगी सरकार बाढ़-सूखे पर अलर्ट: 4 जनपद प्रभावित, 3 दिन में राहत शिविर तैयार करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 जुलाई को लखनऊ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि बाढ़ और सूखा — दोनों आपदाओं से निपटना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित नागरिक तक समयबद्ध राहत पहुँचाई जाए और किसानों की फसल एवं आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मौजूदा स्थिति और प्रभावित जनपद
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के 4 जनपदों — बलिया, गौतमबुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी और मुजफ्फरनगर — की 4 तहसीलों के 42 गाँव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें 332 लोग प्रभावित हुए हैं। राहत कार्यों के लिए 1,412 बाढ़ चौकियाँ सक्रिय हैं, 549 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं, 55 नाव व मोटरबोट तैनात हैं और 1,096 बाढ़ शरणालय संचालित हो रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में अनियमित वर्षा के कारण दोहरी चुनौती उत्पन्न हुई है — एक ओर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सूखे की आशंका और दूसरी ओर अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा।
राहत शिविरों की तैयारी और व्यवस्थाएँ
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील जनपदों में अगले तीन दिनों के भीतर सभी राहत शिविर पूरी तरह तैयार कर लिए जाएँ। शिविरों में ताज़ा एवं पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और स्वच्छता की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। बच्चों के लिए डेयरी के माध्यम से दूध उपलब्ध कराने, तथा महिलाओं, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं की विशेष ज़रूरतों का ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।
गौरतलब है कि बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील 44 जनपदों में पूर्व तैयारियाँ पहले ही पूरी कर ली गई हैं। 1,694 राहत शरणालय चिन्हित किए गए हैं, जिनमें लगभग 5.14 लाख लोगों को आश्रय देने की क्षमता है। पशुधन की सुरक्षा के लिए 910 पशु शरणालय भी स्थापित किए गए हैं।
सूखा प्रबंधन और किसानों के लिए निर्देश
जिन जनपदों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, वहाँ नहरों, जलाशयों, राजकीय नलकूपों तथा अन्य सिंचाई संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बोआई एवं सिंचाई के रियल टाइम आँकड़ों की नियमित समीक्षा कर किसानों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए। जहाँ बोआई प्रभावित होने की आशंका हो, वहाँ कृषि एवं सिंचाई विभाग को संयुक्त कार्ययोजना बनाकर तत्काल राहत देने के निर्देश दिए गए।
तटबंध सुरक्षा और बहु-विभागीय समन्वय
योगी आदित्यनाथ ने तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ अराजक तत्वों द्वारा तटबंधों को नुकसान पहुँचाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। NDRF, SDRF, PAC, पुलिस, राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
राहत आयुक्त कार्यालय का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखा जाए और प्रत्येक घंटे की अद्यतन जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस महानिदेशक कार्यालय और संबंधित राहत एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाए। मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग और नेपाल से प्राप्त जलस्तर संबंधी सूचनाओं का सतत विश्लेषण कर संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित आबादी को पूर्व सूचना देकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि अग्नि दुर्घटना में किसी गरीब परिवार का आवास नष्ट होता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराया जाए। नगर क्षेत्रों में खुले मैनहोल को तत्काल ढकने और जनसुरक्षा से जुड़े सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। नदियों के चैनेलाइजेशन का कार्य निरंतर जारी रखा जाए, ताकि जल प्रवाह सुचारू रहे और कटान व जलभराव की स्थिति न्यूनतम हो।