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क्या योगी सरकार ने बाढ़ की आफत से 1,16,403 लोगों को राहत दिलाई?

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क्या योगी सरकार ने बाढ़ की आफत से 1,16,403 लोगों को राहत दिलाई?

सारांश

लखनऊ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की तेजी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों से प्रभावित लोगों के लिए राहत का संपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत कार्यों को तेज किया।
1,16,403 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
एनडीआरएफ , एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें राहत में जुटी हैं।
बाढ़ के कारण 4,682 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 39 लंगर चल रहे हैं।

लखनऊ, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने और पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके बाद, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। सीएम योगी के आदेश के अनुपालन में अधिकारी अपने-अपने जिलों में बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहे हैं। राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों को भी तैनात किया गया है। बाढ़ के बढ़ते प्रभाव के कारण प्रदेश के 57 जिलों में एनडीआरएफ की 14, एसडीआरएफ की 15 और पीएसी की 48 टीमों को तैनात किया गया है।

राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों की 40 तहसीलें और 694 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में बाढ़ के कारण 1,16,403 लोग प्रभावित हुए हैं। सभी को राहत पहुंचाई गई है। बाढ़ के कारण 4,682 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। अब तक 373 मकानों को बाढ़ ने नुकसान पहुंचाया है, जिनमें से 356 को सहायता राशि दी जा चुकी है।

प्रदेश में 11,386 हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। राहत सामग्री पहुँचाने के लिए 738 नावों और मोटरबोट्स का प्रयोग किया जा रहा है। अब तक 9,467 खाद्यान्न पैकेट और 1,18,769 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 39 लंगर के माध्यम से पीड़ितों को भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

योगी सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों और उनके मवेशियों की सुरक्षा का भी ध्यान रख रही है। मवेशियों के लिए अब तक 2,234 क्विंटल भूसा बांटा जा चुका है। इसके अलावा 1,57,168 क्लोरीन टैबलेट और 1,21,476 ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं, ताकि जलजनित बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 924 बाढ़ शरणालय सक्रिय हैं, जहां 18,772 लोग अस्थायी निवास कर रहे हैं। इन सभी का 778 मेडिकल टीमों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

वर्तमान में प्रदेश के 17 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन जिलों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के जवानों द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राज्य सरकार की तत्परता और राहत कार्यों की गति को देखकर यह स्पष्ट है कि प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से सक्रिय है। बाढ़ ने कई लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है, लेकिन सरकार की मदद से उम्मीद की किरण नजर आ रही है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार ने कितने लोगों को राहत दी है?
योगी सरकार ने बाढ़ से प्रभावित 1,16,403 लोगों को राहत दी है।
बाढ़ के कारण कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
बाढ़ के कारण 1,16,403 लोग प्रभावित हुए हैं।
कौन-कौन सी टीमें राहत कार्य में लगी हैं?
राहत कार्य में एनडीआरएफ , एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगी हैं।
क्या मवेशियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है?
हाँ, मवेशियों की सुरक्षा और उनके खाने-पीने का ध्यान रखा जा रहा है।
बाढ़ से कितने जिलों में असर हुआ है?
बाढ़ से प्रदेश के 17 जिलों में असर हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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