UP बाढ़ राहत: 17 जिले प्रभावित, 1.70 लाख लोगों तक पहुँची योगी सरकार की मदद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में बाढ़ की विकराल स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान को युद्धस्तर पर संचालित किया है। 31 अगस्त तक करीब 1.70 लाख बाढ़ प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाई जा चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार अब तक जनहानि और पशुहानि का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है और प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ तथा पशुचारे की व्यवस्था निरंतर जारी है।
प्रभावित जिले और राहत चौकियाँ
30 अगस्त की स्थिति के अनुसार प्रदेश के जिन 17 जिलों में बाढ़ का असर है, उनमें अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूँ, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहाँपुर और वाराणसी शामिल हैं। इन सभी जिलों में राहत गतिविधियों की निगरानी के लिए कुल 1,633 बाढ़ चौकियाँ स्थापित की जा चुकी हैं, जो स्थानीय स्तर पर समन्वय का केंद्र बनी हुई हैं।
भोजन और खाद्यान्न वितरण
राहत आयुक्त कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक कुल 55,572 खाद्यान्न पैकेट और 3.02 लाख लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुँचाए जा चुके हैं। अकेले रविवार को 2,024 खाद्यान्न पैकेट और 10,784 लंच पैकेट वितरित किए गए। बाढ़ शिविरों और दूरदराज़ के प्रभावित क्षेत्रों में रोज़मर्रा की खाद्य ज़रूरतें पूरी करने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाएँ और बचाव अभियान
बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रभावित इलाकों में 200 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। स्वच्छता बनाए रखने के लिए 5,432 क्लोरीन टैबलेट और 5,441 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। आवागमन बाधित क्षेत्रों में फँसे लोगों तक पहुँचने के लिए 525 नाव एवं मोटरबोट लगाई गई हैं, जिनके ज़रिये प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
शरणालय और आश्रय व्यवस्था
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं, जिनमें से 46 शरणालय वर्तमान में सक्रिय रूप से संचालित हैं। इन शरणालयों में इस समय 1,151 लोग आश्रय ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, संपत्ति नुकसान के मोर्चे पर बाढ़ से 12 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 11 मामलों में सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।
पशुधन की देखभाल
राहत अभियान में केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि पशुओं की ज़रूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित 20,556 पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। यह कदम ग्रामीण परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, जिनकी आजीविका काफी हद तक पशुधन पर निर्भर करती है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर पर निगरानी और राहत अभियान की निरंतरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।