योगी आदित्यनाथ सख्त: UP के 75 जिलों में आंधी-बारिश से जनहानि, राहत कार्य तुरंत तेज करने के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 मई को जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने तथा राहत कार्यों में तत्काल तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई जिलों में जनहानि और फसल क्षति की सूचनाएँ मिली हैं।
मौसम की स्थिति और नुकसान
मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के चलते चल रहे इस मौसमी दौर में कई स्थानों पर जनहानि हुई है और कुछ क्षेत्रों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत आयुक्त कार्यालय तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि जहाँ भी आंधी, बारिश, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि अथवा पशुहानि हुई है, वहाँ प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुमन्य राहत राशि वितरित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कृषि क्षति का सर्वे
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को निर्देश दिया कि फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे किया जाए। जहाँ भी कृषि क्षति की सूचना मिले, टीम मौके पर पहुँचकर आकलन करे और शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराए, ताकि किसानों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जा सके। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब रबी की कटाई के बाद खरीफ की तैयारी चल रही है।
विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा
विद्युत विभाग को आंधी और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। टूटे तारों और गिरे खंभों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य संचालित करने को कहा गया है।
जनता से अपील
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाएँ और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर प्रशासनिक तैयारी और सघन की जाएगी।