CM योगी का निर्देश: आंधी-बारिश पीड़ितों को 24 घंटे में मिले मुआवजा, जिलाधिकारी रहें अलर्ट मोड पर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 4 मई को लखनऊ समेत प्रदेश के कई जनपदों में आई आंधी-बारिश और विपरीत मौसम की स्थितियों के मद्देनज़र प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहानि, पशुहानि, घायलों और आपदा प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिलाना सुनिश्चित किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री योगी ने मौसम से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय रहे और हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि विपरीत मौसम का प्रभाव न्यूनतम रहे। उन्होंने कहा कि राहत-बचाव कार्य तेज गति से संचालित हों और घायलों का निकटवर्ती अस्पतालों में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विपरीत मौसम के कारण कई जनपदों में सड़क दुर्घटनाएँ भी हुई हैं, जिन स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर होने चाहिए।
किसानों और आमजन पर असर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आंधी-बारिश की वजह से किसानों और आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों व समस्त प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। यह ऐसे समय में आया है जब रबी फसल की कटाई का मौसम चल रहा है और अचानक आई आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका है।
फील्ड अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर फील्ड में रहें और वस्तुस्थिति का सीधे जायज़ा लें। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारी खराब मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच जाएँ, उनसे सीधा संपर्क करें और राहत कार्यों के लिए आपसी समन्वय बनाएँ।
गौरतलब है कि किसी भी विपरीत स्थिति या आवश्यकता की सूचना समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित की जा सके।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आने वाले दिनों में भी आंधी-बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी के निर्देश प्रशासन को पहले से तैयार रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रभावित परिवारों को राहत राशि का त्वरित वितरण सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है।