CM योगी आदित्यनाथ ने भीषण गर्मी और कम वर्षा की आशंका पर दिए सख्त निर्देश, 18 जनपदों पर विशेष नज़र
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 मई 2026 को लखनऊ में भीषण गर्मी और इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए शासन-प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में क्या हुआ
शुक्रवार को कृषि, जलशक्ति, पशुधन, समाज कल्याण एवं उद्यान विभाग के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पूर्व में सूखा प्रभावित रहे 18 जनपदों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 जून से 30 जुलाई के बीच निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिति का समयबद्ध आकलन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ (NDRF) से सहायता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। शासन से लेकर जनपद स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और आवश्यक जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव एवं डीजीपी को उपलब्ध कराने को कहा गया।
जल संरक्षण और पेयजल प्रबंधन पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग करने और जल संरक्षण को गति देने के लिए 30 मई तक नहरों, तालाबों एवं पोखरों की डी-सिल्टिंग पूर्ण कराने के निर्देश दिए। तालाबों से निकली मिट्टी प्रजापति समाज एवं पारंपरिक कुम्हार शिल्पकारों को निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा जिलाधिकारियों द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि राहत कार्यों के साथ-साथ आजीविका के अवसर भी सृजित हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए और पाइप्ड पेयजल योजनाओं के साथ टैंकर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं।
किसानों और पशुधन की सुरक्षा
किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योगी ने वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सभी नलकूपों को क्रियाशील रखने, समय से मरम्मत सुनिश्चित करने तथा सिंचाई हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए नुकसान की स्थिति में समयबद्ध आकलन एवं क्लेम निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। वन विभाग को अभ्यारण्यों एवं पक्षी विहारों में वन्यजीवों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में जल, चारा एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से मुख्यमंत्री ने हीट स्ट्रोक, लू एवं गर्मी जनित बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों में समुचित व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। 19 हज़ार से अधिक प्रशिक्षित आपदा मित्रों, होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की सेवाएं आवश्यकतानुसार लेने के निर्देश दिए गए। हाल के आंधी-तूफान में हुई जनहानि पर दुःख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।
खरीफ फसल और प्राकृतिक खेती की तैयारी
खरीफ फसल वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने नहर प्रणालियों के प्रभावी संचालन, टेल फीडिंग के माध्यम से अंतिम छोर तक सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने तथा जल संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि नहरों का संचालन केवल हेड रीच तक सीमित न रहे, बल्कि टेल एंड तक समान रूप से पानी पहुंचे। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे लागत में कमी के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। खाद वितरण में पारदर्शिता हेतु फार्मर रजिस्ट्री व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।