उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 18 की मौत, CM योगी ने 24 घंटे में मुआवजे के दिए आदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 5 मई 2026 को अति वर्षा, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, 5 लोग घायल हैं और 24 पशुओं की भी जान जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन को राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश और राहत कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि घायलों का तत्काल एवं समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी कहा कि सभी जिलाधिकारी (DM) स्वयं फील्ड में उपस्थित रहें और राहत कार्यों की सीधी निगरानी करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जहाँ आवश्यकता हो, वहाँ तुरंत शासन स्तर पर समन्वय स्थापित कर मदद पहुँचाई जाए। उन्होंने आदेश दिया कि आंधी, अति वर्षा और बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि एवं घायलों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा प्रदान किया जाए।
आम जनता पर असर
ग्रामीण और गरीब इलाकों में रहने वाले लोगों पर इस आपदा का सबसे अधिक असर पड़ा है। 24 पशुओं की मृत्यु से किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। मई जैसे गर्म महीने में इस तरह की बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने ग्रामीण जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसल की तैयारियाँ शुरू होने वाली हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहें और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें।
व्यापक मौसमी संदर्भ
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत हो सकता है। यह उत्तर प्रदेश में इस मौसम की ऐसी पहली बड़ी आपदा है जिसमें इतनी बड़ी संख्या में जनहानि दर्ज की गई है। प्रशासन को पूरी गंभीरता और तेजी के साथ राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके।