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UP में बारिश और आकाशीय बिजली से जनहानि, CM योगी ने 24 घंटे में मुआवजे के दिए निर्देश

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UP में बारिश और आकाशीय बिजली से जनहानि, CM योगी ने 24 घंटे में मुआवजे के दिए निर्देश

सारांश

उत्तर प्रदेश के चार जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली ने जनहानि और पशुहानि की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में मुआवजे, घायलों के इलाज और वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में तैनात रहने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

कासगंज, चंदौली, मीरजापुर और बाराबंकी जिलों में 13 जून को बारिश व आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि और पशुहानि हुई।
CM योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को घायलों के समुचित इलाज की जिम्मेदारी सौंपी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद बनाए रखने के आदेश।
मुख्यमंत्री ने आमजन से आँधी-तूफान में होर्डिंग, बिजली के तारों से दूर रहने की अपील की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 13 जून को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि एवं पशुहानि की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कासगंज, चंदौली, मीरजापुर और बाराबंकी जिलों में यह आपदा सबसे अधिक असर डाली।

प्रभावित जिले और घटनाक्रम

शनिवार को कासगंज, चंदौली, मीरजापुर और बाराबंकी जिलों में वर्षा तथा आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में जनहानि और पशुहानि दर्ज की गई। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में मानसून-पूर्व की वर्षा ने कई इलाकों में तबाही मचाई हुई है। गौरतलब है कि प्रदेश में हर वर्ष आकाशीय बिजली गिरने से दर्जनों लोगों की जान जाती है।

मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने मृतकों के शोक-संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया कि जनहानि और पशुहानि का त्वरित आकलन कर पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। किसी भी आवश्यकता पर शासन को तत्काल सूचित करने को भी कहा गया।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि घायलों को समय पर दवाएँ और स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद बनाए रखने को कहा गया।

आम जनता के लिए सावधानी की अपील

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की कि विपरीत मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि आँधी-तूफान के दौरान होर्डिंग, ग्लोसाइन बोर्ड और बिजली के तारों के पास खड़े न हों। घर के बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई।

आगे की कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित परिवारों से संवाद बनाए रखें और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएँ। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि आपदा राहत में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दीर्घकालिक चेतावनी तंत्र और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियानों की कमी स्पष्ट दिखती है। 24 घंटे में मुआवजे का निर्देश प्रशासनिक सक्रियता का संकेत देता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह राहत वास्तव में समय पर और बिना बिचौलियों के पीड़ित परिवारों तक पहुँचती है। जब तक आपदा-पूर्व तैयारी — विशेषकर ग्रामीण इलाकों में रियल-टाइम मौसम अलर्ट — को प्राथमिकता नहीं दी जाती, तब तक ये घोषणाएँ प्रतिक्रियाशील राहत से आगे नहीं जा पाएंगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP में आकाशीय बिजली गिरने से कौन-से जिले प्रभावित हुए?
13 जून को कासगंज, चंदौली, मीरजापुर और बाराबंकी जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि और पशुहानि हुई। ये सभी जिले उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों में स्थित हैं।
CM योगी ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनहानि और पशुहानि का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर प्रभावित परिवारों से संवाद बनाए रखने को कहा गया।
घायलों के इलाज के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि घायलों को समय पर दवाएँ और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। मुख्यमंत्री ने स्वयं घायलों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
आँधी-तूफान में आम जनता को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
CM योगी ने अपील की कि आँधी के दौरान होर्डिंग, ग्लोसाइन बोर्ड और बिजली के तारों के पास न खड़े हों। घर के बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतें कितनी गंभीर समस्या हैं?
उत्तर प्रदेश में हर मानसून सीजन आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में जनहानि होती है, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में। यह एक आवर्ती आपदा है जिसके लिए दीर्घकालिक चेतावनी तंत्र और जागरूकता अभियानों की आवश्यकता बताई जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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