असम की ASTC बसों में GPS और SOS बटन लगेगा, हिमंता बिस्वा सरमा बोले — यात्रा होगी पूरी तरह सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को घोषणा की कि असम राज्य परिवहन निगम (ASTC) की बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया जाएगा, जिसमें GPS-ट्रैकिंग, इमरजेंसी SOS बटन, ऑटोमेटेड टिकटिंग और स्मार्ट शेड्यूलिंग जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी। गुवाहाटी से की गई इस घोषणा का उद्देश्य राज्य के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक तकनीक से लैस कर यात्री सुरक्षा और परिचालन दक्षता दोनों को मज़बूत करना है।
ITMS में क्या-क्या शामिल है
ASTC बसों में लगाए जाने वाले ITMS में कई अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएँ एक साथ काम करेंगी। GPS-इनेबल्ड रियल-टाइम ट्रैकिंग से अधिकारी बस बेड़े की आवाजाही की निरंतर निगरानी कर सकेंगे, परिचालन में देरी को पहले से पहचाना जा सकेगा और सड़क पर होने वाली किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
इसके साथ ही स्मार्ट शेड्यूलिंग की सुविधा यात्रियों के प्रतीक्षा-समय को कम करने और बेड़ा प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद करेगी। ऑटोमेटेड टिकटिंग और ई-पेमेंट प्रणाली पारंपरिक टिकटिंग पर निर्भरता घटाएगी और दैनिक सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल भुगतान को सामान्य बनाएगी।
इमरजेंसी SOS बटन — सुरक्षा का नया स्तंभ
इस पहल का सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू बसों के भीतर इमरजेंसी पैनिक/SOS बटन लगाना है। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, ये बटन सीधे केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल सेंटर) से जुड़े होंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
यह सुविधा विशेष रूप से महिला यात्रियों और रात्रि में अकेले सफ़र करने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा का एक ठोस आश्वासन है। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में सार्वजनिक बसों में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चाएँ बढ़ती रही हैं, और इस संदर्भ में असम का यह कदम सराहनीय माना जा रहा है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी पर असर
यह पहल ऐसे राज्य में विशेष रूप से अहम है जहाँ ASTC की बसें शहरी केंद्रों को छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने का प्रमुख माध्यम हैं। असम में बड़ी संख्या में दैनिक यात्री इन्हीं बसों पर निर्भर हैं, और ITMS की तैनाती से उनकी यात्रा अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार सार्वजनिक सेवाओं और परिवहन अवसंरचना में प्रौद्योगिकी का उपयोग लगातार बढ़ा रही है। ITMS इसी व्यापक डिजिटलीकरण अभियान का नवीनतम अध्याय है।
सरकार का नज़रिया
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, तकनीक-आधारित इस बदलाव का मकसद ASTC के कामकाज को अधिक तेज़ और कुशल बनाना है, साथ ही यात्रियों को एक बेहतर और सुरक्षित परिवहन अनुभव देना है। सरकार ने GPS ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, SOS रिस्पॉन्स सिस्टम और स्मार्ट शेड्यूलिंग को एकीकृत कर ITMS को ASTC के आधुनिकीकरण के एक नए चरण के रूप में प्रस्तुत किया है।
आगे क्या होगा
अभी तक सरकार की ओर से ITMS के क्रियान्वयन की समय-सीमा और पहले चरण में कितनी बसों को शामिल किया जाएगा, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रणाली की सफलता काफी हद तक कंट्रोल सेंटर की क्षमता, नेटवर्क कवरेज और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर निर्भर करेगी। यदि यह पहल कारगर रही, तो यह अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है।