जोरबाट बाढ़ नियंत्रण: असम सरकार ने ₹150 करोड़ की परियोजना का ऐलान किया, IIT गुवाहाटी करेगा डिज़ाइन की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को असम विधानसभा के बजट सत्र में जोरबाट के लिए ₹150 करोड़ की बाढ़ नियंत्रण परियोजना की घोषणा की। यह परियोजना प्रस्तावित गुवाहाटी रिंग रोड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का अभिन्न हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जोरबाट में बार-बार आने वाली अचानक बाढ़ का स्थायी इंजीनियरिंग समाधान निकालना है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा ने सदन को बताया कि गुवाहाटी रिंग रोड की DPR में जोरबाट के बाढ़ नियंत्रण उपायों के लिए विशेष रूप से ₹150 करोड़ आवंटित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सलाहकार तकनीकी आरेख (टेक्निकल ड्रॉइंग) तैयार कर रहे हैं और निर्माण कार्य शुरू होने से पहले IIT गुवाहाटी से डिज़ाइन की समीक्षा और अनुमोदन अनिवार्य होगा।
हाल ही में जोरबाट में आई अचानक बाढ़ ने कई आवासीय और व्यावसायिक इलाकों को जलमग्न कर दिया था और यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। सरमा ने कहा कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अस्थायी राहत उपायों की जगह दीर्घकालिक इंजीनियरिंग हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
जोरबाट का रणनीतिक महत्व
जोरबाट, असम-मेघालय सीमा पर स्थित होने के कारण राज्य के सर्वाधिक व्यस्त यातायात मार्गों में से एक है। प्रतिदिन इस जंक्शन से गुजरने वाले वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यह क्षेत्र गुवाहाटी का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार बन चुका है। बाढ़ की स्थिति में यहाँ यातायात अवरोध का असर पूरे महानगरीय क्षेत्र पर पड़ता है।
डिगारू-नारांगी रोड को चार-लेन बनाने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री सरमा ने इसके साथ ही डिगारू-नारांगी रोड को चार-लेन हाईवे में बदलने का प्रस्ताव भी घोषित किया। उनके अनुसार, यह अपग्रेडेड सड़क जागीरोड और आसपास के क्षेत्रों से गुवाहाटी की ओर आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी, जिससे जोरबाट पर यातायात का दबाव कम होगा।
सरमा ने दिमोरिया और दिसपुर विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों से अपील की कि वे इस सड़क विस्तार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में सक्रिय सहयोग करें।
व्यापक शहरी अवसंरचना रणनीति
ये घोषणाएँ असम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसका लक्ष्य गुवाहाटी महानगरीय क्षेत्र में शहरी बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना है। इस रणनीति के तहत एकीकृत परिवहन नियोजन, उन्नत जल-निकासी प्रणाली और मौसम की चरम परिस्थितियों से निपटने में सक्षम अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब असम में मानसून-जनित बाढ़ की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी हैं।
क्या होगा आगे
परियोजना के तकनीकी आरेख तैयार होने के बाद IIT गुवाहाटी की अनुमोदन प्रक्रिया पूरी होगी, जिसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि रिंग रोड परियोजना का बाढ़ सुरक्षा घटक निर्माण आरंभ होते ही जोरबाट में अचानक बाढ़ के जोखिम को उल्लेखनीय रूप से कम कर देगा।