15 जुलाई 2026
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जयशंकर की ब्रसेल्स में बड़ी कूटनीतिक पहल: भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता, IMEC और स्वच्छ ऊर्जा पर सहमति

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जयशंकर की ब्रसेल्स में बड़ी कूटनीतिक पहल: भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता, IMEC और स्वच्छ ऊर्जा पर सहमति

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर का ब्रसेल्स दौरा महज शिष्टाचार भेंट नहीं था — पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता, IMEC पर EU से सीधी बातचीत और होराइजन यूरोप में भागीदारी की संभावनाएँ मिलकर भारत-EU संबंधों को एक नई संरचनात्मक गहराई देने का संकेत देती हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में बेल्जियम और EU के शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें कीं।
बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री मैक्स प्रीवोट के साथ पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की गई।
IMEC , ग्रीन शिपिंग, सेमीकंडक्टर और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा पर EU आयुक्त जोसेफ सिका से चर्चा हुई।
EU की इनोवेशन आयुक्त एकातेरिना जाखारिएवा के साथ होराइजन यूरोप कार्यक्रम में भारत की भागीदारी की संभावनाओं पर विचार हुआ।
स्वच्छ ऊर्जा, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अत्याधुनिक तकनीकों को भविष्य की साझेदारी का मुख्य स्तंभ बताया गया।
दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में बेल्जियम और यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनमें भारत-बेल्जियम रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, कनेक्टिविटी और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित चर्चाएँ हुईं। यह दौरा भारत-EU संबंधों को व्यापक और गहरा बनाने की दिशा में एक ठोस कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता

जयशंकर ने बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मैक्स प्रीवोट के साथ ऐतिहासिक पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में राजनीतिक, आर्थिक, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की विस्तृत समीक्षा की गई। जयशंकर ने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच साझेदारी में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और इस वार्ता में भारत-बेल्जियम तथा भारत-EU संबंधों को नई ऊँचाई देने की स्पष्ट महत्वाकांक्षा परिलक्षित हुई।

बंदरगाहों, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में जयशंकर ने बताया कि दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

IMEC और कनेक्टिविटी पर EU आयुक्त से चर्चा

जयशंकर ने यूरोपीय आयोग के अंतरराष्ट्रीय साझेदारी आयुक्त जोसेफ सिका से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC), त्रिपक्षीय साझेदारी, ग्रीन शिपिंग और भारत-EU कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। गौरतलब है कि IMEC को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के विकल्प के रूप में देखा जाता है, जिससे यह वार्ता रणनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।

स्वच्छ ऊर्जा और इनोवेशन पर नई साझेदारी

विदेश मंत्री ने EU की स्टार्टअप्स, रिसर्च और इनोवेशन आयुक्त एकातेरिना जाखारिएवा से भी भेंट की। बैठक में स्वच्छ और हरित ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान, नवाचार केंद्रों, स्टार्टअप्स और होराइजन यूरोप कार्यक्रम के साथ भारत के सहयोग की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। जयशंकर ने स्वच्छ ऊर्जा, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अत्याधुनिक तकनीकों में सहयोग को भविष्य की भारत-EU साझेदारी का अहम स्तंभ बताया।

व्यापक संदर्भ और महत्व

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता जारी है और दोनों पक्ष वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। बेल्जियम EU की राजधानी के रूप में रणनीतिक महत्व रखता है, और इस पहली रणनीतिक वार्ता को द्विपक्षीय संबंधों में एक नई संरचनात्मक नींव के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की राह

इन बैठकों से उभरे सहयोग के खाके को आने वाले महीनों में ठोस समझौतों और कार्ययोजनाओं में बदलने की उम्मीद है। सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और IMEC जैसे क्षेत्रों में अनुवर्ती कार्रवाई पर दोनों पक्षों की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि द्विपक्षीय संबंधों के जाल के रूप में साधना चाहती है। IMEC पर EU के साथ सीधी बातचीत यह संकेत देती है कि भारत इस गलियारे को केवल घोषणा नहीं, बल्कि क्रियाशील ढाँचे में बदलने के लिए सक्रिय है। हालाँकि, होराइजन यूरोप में भागीदारी और सेमीकंडक्टर सहयोग अभी संभावनाओं के स्तर पर हैं — असली कसौटी यह होगी कि इन वार्ताओं से कितने बाध्यकारी समझौते निकलते हैं, खासकर जब भारत-EU FTA वार्ता अभी भी अधूरी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर की ब्रसेल्स यात्रा में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में जयशंकर ने व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर, IMEC और तकनीकी नवाचार सहित कई क्षेत्रों में भारत-बेल्जियम और भारत-EU सहयोग पर चर्चा की। पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता क्या है?
यह भारत और बेल्जियम के बीच पहली औपचारिक रणनीतिक वार्ता है, जिसकी सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री जयशंकर और बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री मैक्स प्रीवोट ने की। इसमें राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग के समग्र ढाँचे पर चर्चा हुई।
IMEC क्या है और इस वार्ता में इसकी क्या भूमिका रही?
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) एक बहुपक्षीय कनेक्टिविटी परियोजना है जो भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ती है। जयशंकर ने EU आयुक्त जोसेफ सिका के साथ IMEC को आगे बढ़ाने और ग्रीन शिपिंग में सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
होराइजन यूरोप कार्यक्रम में भारत की भागीदारी की संभावना क्या है?
EU की इनोवेशन आयुक्त एकातेरिना जाखारिएवा के साथ बैठक में होराइजन यूरोप — EU के प्रमुख अनुसंधान एवं नवाचार कार्यक्रम — में भारत की भागीदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई। स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप इकोसिस्टम इस सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताए गए।
इस दौरे का भारत-EU संबंधों पर क्या असर होगा?
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत-EU FTA वार्ता जारी है और दोनों पक्ष आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण को प्राथमिकता दे रहे हैं। सेमीकंडक्टर, IMEC और हरित ऊर्जा में सहयोग के खाके को आने वाले महीनों में ठोस समझौतों में बदलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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