15 जुलाई 2026
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जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद अध्यक्ष कोस्टा से मुलाकात की, भारत-EU व्यापार व तकनीकी साझेदारी पर बनी सहमति

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जयशंकर ने ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद अध्यक्ष कोस्टा से मुलाकात की, भारत-EU व्यापार व तकनीकी साझेदारी पर बनी सहमति

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर का ब्रसेल्स दौरा महज शिष्टाचार भेंट नहीं था — यह भारत-EU साझेदारी को व्यापार और तकनीक से आगे बढ़ाकर समुद्री सुरक्षा तक ले जाने का संकेत है। TTC की तीसरी बैठक और हिंद-प्रशांत सहयोग पर जोर बताता है कि दोनों पक्ष 2026 को रिश्तों के नए अध्याय के रूप में देख रहे हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात की।
भारत-EU ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) की तीसरी बैठक में पीयूष गोयल , जितिन प्रसाद और अजय के.
जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से कोस्टा को शुभकामनाएँ दीं और इस वर्ष के भारत-EU शिखर सम्मेलन के बाद हुई प्रगति की सराहना की।
EU उपाध्यक्ष काजा कैलास से मुलाकात में पश्चिम एशिया , समुद्री सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन पर चर्चा हुई।
कैलास ने EU के ऑपरेशन 'अटलांटा' व 'एस्पिडिस' के साथ भारतीय नौसेना सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात की और भारत-यूरोपीय संघ (EU) की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने पर विस्तृत चर्चा की। बातचीत का केंद्र व्यापार, तकनीक, नवाचार और रणनीतिक सहयोग रहा, जो इस वर्ष आयोजित ऐतिहासिक भारत-EU शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों के बीच गहराते संबंधों की अगली कड़ी है।

ब्रसेल्स दौरे का उद्देश्य

जयशंकर 14 से 15 जुलाई तक बेल्जियम के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण भारत-EU ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) की तीसरी बैठक है। उनके साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय के. सूद भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।

गौरतलब है कि TTC का यह तीसरा संस्करण ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर भारत और EU दोनों साझा हितों की तलाश में हैं।

कोस्टा से मुलाकात: मोदी की शुभकामनाएँ भी पहुँचाईं

एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्हें यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से भेंट कर प्रसन्नता हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोस्टा को शुभकामनाएँ भी दीं।

जयशंकर ने बताया कि इस वर्ष के ऐतिहासिक भारत-EU शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों की साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई गति देने में कोस्टा के मार्गदर्शन और सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की।

काजा कैलास से भेंट: समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन पर जोर

ब्रसेल्स पहुँचने पर जयशंकर ने EU की विदेश एवं सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि तथा यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास से भी अलग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति, क्षेत्र में शांति व स्थिरता की आवश्यकता और सुरक्षित एवं निर्बाध समुद्री व्यापार पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

कैलास ने भी एक्स पर कहा कि 2026 भारत और EU के संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष है। उन्होंने कहा कि व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों का सहयोग निरंतर गहरा हो रहा है।

हिंद-प्रशांत सुरक्षा और नौसेना सहयोग

कैलास ने स्पष्ट किया कि भारत और EU को मिलकर समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही की रक्षा करनी होगी और खुली व मजबूत सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने EU के ऑपरेशन 'अटलांटा' और 'एस्पिडिस' के साथ भारतीय नौसेना के सहयोग को और विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे परे भी समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह ऐसे समय में आया है जब लाल सागर और हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ी हैं और भारत-EU साझेदारी को एक व्यावहारिक सुरक्षा ढाँचे में ढालने की कोशिशें तेज हो रही हैं।

आगे की राह

TTC की तीसरी बैठक से व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में ठोस रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है। दोनों पक्षों के बीच इस वर्ष हुए शिखर सम्मेलन के बाद संबंधों में जो गति आई है, वह इस दौरे में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। भारत-EU रणनीतिक साझेदारी अब केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यापार, तकनीक और सुरक्षा के ठोस स्तंभों पर खड़ी होती दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यूरोपीय हित हमेशा भारतीय रणनीतिक स्वायत्तता के अनुरूप नहीं होते।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने ब्रसेल्स में किन नेताओं से मुलाकात की?
जयशंकर ने 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और EU की विदेश एवं सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि तथा यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास से मुलाकात की। दोनों बैठकों में भारत-EU रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
भारत-EU ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) की तीसरी बैठक में क्या हुआ?
TTC की तीसरी बैठक ब्रसेल्स में 14-15 जुलाई 2026 को आयोजित हुई, जिसमें व्यापार, तकनीक और नवाचार सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में जयशंकर के अलावा पीयूष गोयल, जितिन प्रसाद और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय के. सूद शामिल थे।
काजा कैलास और जयशंकर के बीच समुद्री सुरक्षा पर क्या सहमति बनी?
दोनों नेताओं ने सुरक्षित समुद्री मार्गों और मजबूत वैश्विक सप्लाई चेन को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई। कैलास ने EU के ऑपरेशन 'अटलांटा' और 'एस्पिडिस' के साथ भारतीय नौसेना के सहयोग को और विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
2026 को भारत-EU संबंधों के लिए ऐतिहासिक वर्ष क्यों कहा जा रहा है?
इस वर्ष भारत और EU के बीच एक ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसके बाद व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेज़ी से गहरा हुआ है। काजा कैलास ने स्वयं एक्स पर इसे ऐतिहासिक वर्ष बताया।
जयशंकर के ब्रसेल्स दौरे में पश्चिम एशिया पर क्या चर्चा हुई?
जयशंकर और कैलास के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति, क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर साझा चिंता व्यक्त की गई। दोनों पक्षों ने निर्बाध समुद्री व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।
राष्ट्र प्रेस
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