एजबेस्टन में भारत की 6 विकेट से जीत, 12 साल बाद इंग्लैंड को उसी के घर में हराया
सारांश
मुख्य बातें
बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम ने 15 जुलाई को वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में इंग्लैंड को 6 विकेट से शिकस्त देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की। इस जीत के साथ इंग्लैंड का एजबेस्टन में वनडे क्रिकेट में 12 साल पुराना अजेय क्रम टूट गया — इससे पहले इसी मैदान पर इंग्लैंड ने आखिरी बार 2014 में भारत के खिलाफ हार का सामना किया था।
इंग्लैंड की पारी: मध्यक्रम ने संभाला डूबता जहाज
पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम 258 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। सलामी जोड़ी जैकब बेथेल और बेन डकेट ने पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़े, लेकिन बेथेल 14 रन पर आउट हुए और डकेट ने 45 गेंदों में 43 रन बनाए। मेजबान टीम के कप्तान हैरी ब्रूक महज 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि जोस बटलर 5 रन पर प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हुए। सैम करन को बिना खाता खोले भी प्रसिद्ध कृष्णा ने वापस भेजा।
80 रन पर 5 विकेट गँवाने के बाद इंग्लैंड की पारी को जो रूट और लियाम डॉसन ने संजीवनी दी। दोनों ने छठे विकेट के लिए 134 गेंदों में 121 रनों की शतकीय साझेदारी निभाई। रूट 76 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि डॉसन ने 83 गेंदों में 68 रन बनाए। विल जैक्स ने 20 रन का योगदान दिया।
भारत की ओर से अक्षर पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 62 रन देकर 4 विकेट झटके। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट लिए।
भारत की पारी: गिल का अर्धशतक, सुंदर-अक्षर का मैच जिताऊ प्रदर्शन
259 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत सहज नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी पवेलियन लौट गए। कप्तान शुभमन गिल ने 75 गेंदों में 80 रन की पारी खेली, लेकिन वे रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर गए। श्रेयस अय्यर 35 रन बनाकर रनआउट हुए।
इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर (52 रन नाबाद) और अक्षर पटेल (57 रन नाबाद) ने मिलकर भारत को 45.2 ओवर में लक्ष्य तक पहुँचाया। दोनों के बीच हुई अटूट साझेदारी ने मैच का पासा पलट दिया और भारत ने 4 विकेट शेष रहते जीत दर्ज की।
ऐतिहासिक संदर्भ: 12 साल का सूखा खत्म
गौरतलब है कि 2014 के बाद एजबेस्टन पर खेले गए सभी वनडे मुकाबलों में इंग्लैंड विजयी रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड की टीम अपने आक्रामक 'बाज़बॉल' दर्शन के साथ घरेलू मैदानों पर अपराजेय मानी जाती है। भारत ने न केवल इस धारणा को तोड़ा, बल्कि मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों के दम पर मुश्किल लक्ष्य भी हासिल किया।
आगे क्या
सीरीज का अगला मुकाबला भारत के लिए और अहम होगा, क्योंकि 1-0 की बढ़त के साथ टीम मनोबल के उच्च स्तर पर है। रोहित शर्मा और विराट कोहली की जल्दी विदाई चिंता का विषय बनी रहेगी, वहीं गिल का रिटायर्ड हर्ट होना भी टीम प्रबंधन की नज़र में रहेगा। इंग्लैंड को अपनी बल्लेबाजी के शीर्ष क्रम की नाकामी दूर करनी होगी।