इंग्लैंड ने भारत को चौथे टी20 में 9 विकेट से रौंदा, पहली बार द्विपक्षीय सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिस्टल में 10 जुलाई को खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी और पाँच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ कोई द्विपक्षीय सीरीज (दो या उससे अधिक मैच) जीती है।
मुख्य घटनाक्रम
पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया 20 ओवर में 7 विकेट खोकर मात्र 158 रन ही बना सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों पर 80 रन की दमदार पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज उनका साथ देने में नाकाम रहे। जवाब में इंग्लैंड ने 159 रनों के लक्ष्य को केवल 13.5 ओवर में 1 विकेट खोकर पूरा कर लिया।
भारतीय बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर फ्लॉप रहे और केवल 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। अभिषेक शर्मा 16 रन बनाने के बाद आदिल रशीद की गेंद पर आउट हुए। ईशान किशन का बल्ला भी खामोश रहा और वह मात्र 4 रन ही बना सके। शिवम दुबे ने 23 गेंदों में 22 रन बनाए और विल जैक्स की गेंद पर टॉम बैंटन को कैच दे बैठे। तिलक वर्मा 11 रन, वॉशिंगटन सुंदर 5 रन और अक्षर पटेल मात्र 1 रन बनाकर आउट हुए।
इंग्लैंड की तूफानी बल्लेबाजी
हैरी ब्रूक ने महज 35 गेंदों में 79 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। फिल साल्ट ने 42 गेंदों पर 59 रन बनाकर नाबाद रहे। हालाँकि, जोस बटलर केवल 8 रन ही बना सके।
ऐतिहासिक संदर्भ
इससे पहले भारत और इंग्लैंड के बीच छह द्विपक्षीय टी20 सीरीज खेली जा चुकी थीं, जिनमें से पाँच टीम इंडिया ने जीती थीं और एक का अंत 1-1 की बराबरी पर हुआ था। यह भी उल्लेखनीय है कि आयरलैंड के बाद अब इंग्लैंड ने भी भारत को सीरीज में हराया है। इससे पहले 2019 में टीम इंडिया को लगातार दो द्विपक्षीय सीरीज में हार झेलनी पड़ी थी — पहले न्यूज़ीलैंड से और फिर ऑस्ट्रेलिया से।
आगे क्या
पाँच मैचों की सीरीज का पाँचवाँ और अंतिम टी20 मुकाबला अब भले ही सांकेतिक बन गया हो, लेकिन भारतीय टीम के बल्लेबाजों के लिए यह अपनी फॉर्म और साझेदारी दोनों साबित करने का आखिरी मौका होगा। लगातार बल्लेबाजी की विफलताओं ने टीम के चयन और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।