मैनचेस्टर टी20: इंग्लैंड ने 191 रनों का पीछा कर तोड़ा 14 साल पुराना रिकॉर्ड, भारत को 4 विकेट से हराया
सारांश
मुख्य बातें
ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में 5 जुलाई को खेले गए दूसरे टी20 इंटरनेशनल में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। 191 रनों के विशाल लक्ष्य को 19 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल करते हुए इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में अपना सबसे बड़ा सफल रन-चेज दर्ज किया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 2012 में बने 178 रनों के पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
ऐतिहासिक रन-चेज और रिकॉर्ड
ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर यह इंग्लैंड की लगातार चौथी जीत है, जो इस ग्राउंड पर उनके दमदार रिकॉर्ड को और मज़बूत करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-इंग्लैंड टी20 सीरीज़ अपने निर्णायक मोड़ पर है। गौरतलब है कि 14 वर्षों तक अटूट रहा यह रिकॉर्ड अब इंग्लिश बल्लेबाज़ों की आक्रामक शैली की बदौलत टूट गया।
मुश्किल शुरुआत के बाद वापसी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह ने पहले फिल साल्ट को बिना खाता खोले और फिर जोस बटलर को भी शून्य पर पवेलियन भेजा। मात्र 1 रन के स्कोर पर 2 विकेट गंवाकर इंग्लैंड मुश्किल में था, लेकिन कप्तान हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल ने पारी की कमान संभाली।
ब्रूक और बेथेल की साझेदारी
ब्रूक और बेथेल ने तीसरे विकेट के लिए महज 23 गेंदों में 50 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 4 चौके और 3 छक्कों की मदद से 39 रन बनाए। जैकब बेथेल ने 46 गेंदों में 165 के स्ट्राइक रेट से 5 चौके और 5 छक्के लगाते हुए नाबाद 76 रन की पारी खेली, जो इस मैच की सर्वश्रेष्ठ पारी रही। टॉम बैंटन ने अंतिम ओवरों में 32 गेंदों में 39 रन बनाकर जीत को सुनिश्चित किया। विल जैक्स (9 रन) और सैम करन (7 रन) बल्ले से विशेष प्रभाव नहीं छोड़ सके, जबकि जोफ्रा आर्चर 10 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत की पारी: अर्धशतकों की भरमार
इससे पहले भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। ईशान किशन ने 49 रन, अभिषेक शर्मा ने 43 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 37 रन की आतिशी पारियाँ खेलीं। तिलक वर्मा ने 11 गेंदों में नाबाद 24 रन जोड़े। 15 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले वैभव सूर्यवंशी ने 14 रनों का योगदान दिया।
आगे क्या
सीरीज़ में इंग्लैंड की यह जीत दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा को और रोमांचक बना देती है। अगले मैच पर अब सभी की निगाहें टिकी होंगी, जो सीरीज़ का रुख तय करेगा।