भारत ओल्ड ट्रैफर्ड टी20 में 4 विकेट से हारा, बिश्नोई के 17वें ओवर में 29 रन ने पलटा मैच
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम को 5 जुलाई 2025 को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के हाथों 4 विकेट की हार झेलनी पड़ी, जिससे पाँच मैचों की टी20 सीरीज में मेहमान टीम 0-1 से पिछड़ गई। रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में लुटाए गए 29 रन इस हार का निर्णायक मोड़ साबित हुए। मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट किया कि वे किसी एक खिलाड़ी को हार का ज़िम्मेदार नहीं ठहराना चाहते।
मैच का घटनाक्रम
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 7 विकेट खोकर 190 रन का स्कोर खड़ा किया। आखिरी ओवरों में तिलक वर्मा के 20 रन ने इस स्कोर को प्रतिस्पर्धी बनाया। इंग्लैंड ने जवाब में 19 ओवरों में 4 विकेट शेष रखते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।
बिश्नोई का महँगा ओवर
16वें ओवर तक इंग्लैंड का स्कोर 5 विकेट पर 142 रन था और मैच भारत की पकड़ में लग रहा था। लेकिन 17वें ओवर में रवि बिश्नोई ने 29 रन लुटाए, जिसमें 2 नो-बॉल भी शामिल थीं। 25 वर्षीय लेग स्पिनर ने अपने 4 ओवरों में कुल 60 रन दिए और एक भी विकेट नहीं ले सके। कप्तान अय्यर ने कहा, 'मुझे लगता है कि एक नो-बॉल हुई, लेकिन मुझे यकीन है कि वह और मजबूत होकर वापसी करेंगे। 17वें ओवर में मैच हाथ से निकल गया — उन्हें इससे सीखना होगा।'
बेथेल की नाबाद पारी ने किया फैसला
इंग्लैंड की जीत की नींव जैकब बेथेल ने रखी, जिन्होंने 46 गेंदों में 5 छक्कों और 5 चौकों की मदद से नाबाद 76 रन की पारी खेली। अय्यर ने बेथेल की तारीफ करते हुए कहा, 'बेथेल ने जिस तरह से गेंदबाजों का सामना किया, वह काबिल-ए-तारीफ था।' कप्तान ने यह भी बताया कि सैम करन ने शुरुआत से ही मैदान के आयामों को भाँप लिया और भारत के बाएँ हाथ के बल्लेबाजों को लेग साइड पर खेलने से रोके रखा।
वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक डेब्यू
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल और 99 दिन की आयु में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और भारतीय टी20 टीम के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। हालाँकि, वे 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए। अय्यर ने उनके बारे में कहा, 'उनमें एक बेबाक अंदाज है — उन्हें खेलते देखना वाकई शानदार है। पिछले कुछ महीनों और वर्षों में उन्होंने जबरदस्त क्रिकेट खेला है।'
आगे क्या
सीरीज में अब भी तीन मैच शेष हैं और भारत को वापसी के लिए अपनी गेंदबाजी रणनीति, विशेषकर डेथ ओवरों में, दुरुस्त करनी होगी। अय्यर की टीम के लिए यह हार एक कड़ी चेतावनी है कि 190 रन जैसा स्कोर भी सुरक्षित नहीं होता यदि बीच के ओवरों में अनुशासन टूटे।