श्रेयस अय्यर का चौथे टी20 में 80 रन नाबाद, फिर भी भारत 9 विकेट से हारा; इंग्लैंड ने सीरीज पर कब्ज़ा किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम को 10 जुलाई 2026 को खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों 9 विकेट की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। 158 रनों के अपेक्षाकृत कमज़ोर स्कोर का बचाव करने में नाकाम रही भारतीय टीम ने इस हार के साथ लगातार दूसरी टी20 सीरीज़ भी गँवा दी। कप्तान श्रेयस अय्यर की 49 गेंदों में नाबाद 80 रन की एकल लड़ाई टीम को बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई।
मैच का घटनाक्रम
भारतीय पारी में शीर्ष क्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया। वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में निराश करते हुए 15 रन पर आउट हुए, जबकि अभिषेक शर्मा 16 रन बनाकर आदिल रशीद का शिकार बने। ईशान किशन महज 4 रन बनाकर पवेलियन लौटे। शिवम दुबे 23 गेंदों में केवल 22 रन ही जोड़ सके, और तिलक वर्मा 11 रन पर थम गए। वॉशिंगटन सुंदर (5 रन) और अक्षर पटेल (1 रन) का बल्ला भी मौन रहा। अकेले कप्तान अय्यर ने 4 चौके और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन ठोके, लेकिन दूसरे छोर से साथ न मिलने के कारण टीम 158 रन ही बना सकी।
कप्तान की प्रतिक्रिया
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि स्कोर पर्याप्त नहीं था। उन्होंने कहा, '158 रनों का टोटल स्कोरबोर्ड पर काफी नहीं था और आखिर में हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी इसे चेज कर लिया।' गेंदबाज़ी रणनीति पर उन्होंने जोड़ा, 'जब हम गेंदबाज़ी करने आए तो मैंने गेंदबाज़ों से बस यही कहा कि वे लेंथ को जितना हो सके उतना दोहराएं, क्योंकि मिडिल और लेग स्टंप के टॉप पर गेंदबाज़ी करना मुश्किल था। मुझे लगता है कि हम अपने प्लान को अमल में लाने में थोड़ा कमज़ोर रहे। जब हमने पेस बदलने या कुछ और करने की कोशिश की तो उन्हें बाउंड्री मिल गईं।'
युवा खिलाड़ियों पर अय्यर का नज़रिया
अय्यर ने अपनी व्यक्तिगत पारी पर खुशी जताते हुए कहा, 'मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूँ, लेकिन जब यह जीतने की वजह नहीं बनता है, तो यह टीम के पास चला जाता है।' उन्होंने इस दौर को बदलाव का समय बताते हुए कहा, 'यह एक बदलाव का दौर है और हम बहुत सारी गलतियाँ करेंगे। बहुत सारे युवा खिलाड़ी पहली बार इन परिस्थितियों में खेल रहे थे। गलतियाँ यह समझने के लिए ज़रूरी होंगी कि हमें विदेशी परिस्थितियों में कैसे तालमेल बैठाना है। जल्दी सीखना ज़रूरी है।'
आगे क्या
यह लगातार दूसरी टी20 सीरीज़ में भारत की हार है, जो युवा बल्लेबाज़ों की विदेशी परिस्थितियों में अनुकूलन क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सीरीज़ के अंतिम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन को शीर्ष क्रम की विफलता और गेंदबाज़ी की लय को लेकर मंथन करना होगा।