सेंसेक्स 683 अंक उछला, 77,425 पर खुला; IT और मेटल शेयरों ने बाजार को दी रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स शुक्रवार, 10 जुलाई को मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच 683 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,425 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 205 अंक या 0.86 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,168 पर था। सुबह 9:29 बजे IST के शुरुआती कारोबार में बाजार में व्यापक आधार पर खरीदारी देखी गई, जिसमें आईटी और मेटल सेक्टर अगुवाई कर रहे थे।
मुख्य सूचकांकों का हाल
व्यापक बाजार में भी तेजी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 494 अंक यानी 0.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,648 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 197 अंक यानी 1.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,317 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि मिड और स्मॉलकैप में भी निवेशकों का भरोसा बना रहा।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी IT और निफ्टी मेटल एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहे। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कमोडिटीज भी हरे निशान में थे। हालांकि निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर दबाव में रहे और लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
सेंसेक्स के घटकों में एशियन पेंट्स, ICICI बैंक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, TCS, HCL टेक, इंडिगो, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, BEL और अदाणी पोर्ट्स प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर भारती एयरटेल, इटरनल और सन फार्मा नुकसान में रहे।
वैश्विक बाजारों का असर
भारतीय बाजार की इस तेजी के पीछे मजबूत वैश्विक संकेत अहम भूमिका में रहे। एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी तेजी के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.27 प्रतिशत की बढ़त और नैस्डैक 1.30 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ था।
FII और DII की गतिविधि
संस्थागत निवेश के मोर्चे पर मिला-जुला रुख रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को ₹532.86 करोड़ की इक्विटी से निकासी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,057.79 करोड़ का इक्विटी में निवेश किया, जिसने बाजार को नीचे जाने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौरतलब है कि DII की इस मजबूत खरीदारी ने FII की बिकवाली के असर को काफी हद तक निष्प्रभावी कर दिया। आगे वैश्विक संकेतों और FII के रुख पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी।