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सेंसेक्स 78,375 और निफ्टी 24,457 पर सपाट शुरुआत, आईटी शेयरों में 1% की तेजी

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सेंसेक्स 78,375 और निफ्टी 24,457 पर सपाट शुरुआत, आईटी शेयरों में 1% की तेजी

सारांश

7 जुलाई को भारतीय बाज़ार सपाट खुला, लेकिन निफ्टी आईटी की 1% की छलांग ने माहौल संभाला। कच्चे तेल की कीमतें नरम और एफपीआई का खरीदार बनना — दो बड़े दबाव हटने से बाज़ार में सकारात्मक संकेत हैं।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 7 जुलाई को 90 अंक (0.12%) बढ़कर 78,375 और निफ्टी 27 अंक (0.11%) बढ़कर 24,457 पर खुला।
निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ शीर्ष गेनर रहा; इन्फोसिस , टीसीएस , एचसीएल टेक हरे निशान में।
निफ्टी मेटल , निफ्टी मीडिया और निफ्टी इंडिया डिफेंस लाल निशान में रहे।
FPI ने सोमवार को ₹243.03 करोड़ और DII ने ₹3,791.42 करोड़ इक्विटी में लगाए।
कच्चे तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर पर लौटीं; एफपीआई बिकवाल से खरीदार बने — विशेषज्ञों ने इसे सकारात्मक बदलाव बताया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 7 जुलाई को मंगलवार के कारोबारी सत्र में 90 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 78,375 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 27 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24,457 पर था। सुबह 9:17 बजे IST तक बाज़ार की चाल सपाट बनी रही, हालाँकि आईटी सेक्टर ने शुरुआती कारोबार में बाज़ार को संभाले रखा।

आईटी सेक्टर की अगुवाई

शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष गेनर रहा। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और टेक महिंद्रा हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी बढ़त में थे।

दबाव में रहे ये सेक्टर

दूसरी तरफ निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी पीएसई और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में रहे। ट्रेंट, इंडिगो, बीईएल, एलएंडटी, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा भी गिरावट में थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 62 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 62,356 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 19,315 पर करीब सपाट रहा।

एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों का संकेत

एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुझान देखा गया। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता में तेजी रही। सोमवार को अमेरिकी बाज़ार हरे निशान में बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.29 प्रतिशत और तकनीकी सूचकांक नैस्डैक 1.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, दो प्रमुख दबाव अब कम हो गए हैं — कच्चे तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर पर लौट आई हैं और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) बिकवाली छोड़कर खरीदार बन गए हैं। हालाँकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि एफपीआई की खरीदारी अभी कोई मज़बूत ट्रेंड नहीं है, लेकिन यह बदलाव सकारात्मक संकेत देता है और फंडामेंटल के सहारे आगे भी बने रहने की उम्मीद है।

संस्थागत निवेश की स्थिति

सोमवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने ₹243.03 करोड़ का निवेश किया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इक्विटी में ₹3,791.42 करोड़ का निवेश किया, जो घरेलू बाज़ार में मज़बूत भरोसे का संकेत है। आगे आने वाले सत्रों में एफपीआई के रुझान और वैश्विक संकेत बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। हालाँकि एफपीआई प्रवाह अभी एकदिवसीय और छोटे आँकड़ों में है — ₹243 करोड़ बनाम डीआईआई के ₹3,791 करोड़ — इसलिए इसे स्थायी ट्रेंड मानना जल्दबाज़ी होगी। असली परीक्षा यह है कि कच्चे तेल की नरमी और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के बीच यह खरीदारी कितने सत्रों तक टिकती है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की मज़बूत उपस्थिति बाज़ार की असली रीढ़ बनी हुई है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ खुले?
सेंसेक्स 90 अंक (0.12%) की बढ़त के साथ 78,375 और निफ्टी 27 अंक (0.11%) की बढ़त के साथ 24,457 पर खुला। यह सुबह 9:17 बजे IST का स्तर था।
आज कौन-सा सेक्टर सबसे ज़्यादा चढ़ा?
निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ शीर्ष गेनर रहा। इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा हरे निशान में थे।
एफपीआई और डीआईआई ने सोमवार को कितना निवेश किया?
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सोमवार को ₹243.03 करोड़ और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹3,791.42 करोड़ इक्विटी में निवेश किए।
भारतीय बाज़ार पर दबाव क्यों कम हुआ है?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार दो प्रमुख दबाव — कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और एफपीआई की लगातार बिकवाली — अब कम हो गए हैं। कच्चे तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर पर लौट आई हैं और एफपीआई खरीदार बन गए हैं।
एशियाई बाज़ारों का क्या हाल रहा?
टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता में तेजी रही। अमेरिकी बाज़ार सोमवार को हरे निशान में बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.29% और नैस्डैक 1.12% की बढ़त के साथ।
राष्ट्र प्रेस
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