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सेंसेक्स 579 अंक उछला, 77,502 पर बंद; आईटी सेक्टर में मई 2025 के बाद सबसे बड़ी इंट्राडे तेजी

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सेंसेक्स 579 अंक उछला, 77,502 पर बंद; आईटी सेक्टर में मई 2025 के बाद सबसे बड़ी इंट्राडे तेजी

सारांश

दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद तेल सस्ता हुआ और बाजार को पंख लग गए। सेंसेक्स 579 अंक उछला, निफ्टी आईटी ने मई 2025 के बाद की सबसे बड़ी इंट्राडे छलांग लगाई और निवेशकों की झोली में एक दिन में ₹3.25 लाख करोड़ आ गए — लेकिन दोहा में कोई पक्का समझौता नहीं हुआ।

मुख्य बातें

बीएसई सेंसेक्स 2 जुलाई को 579.48 अंक (0.75%) बढ़कर 77,502.12 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 169.85 अंक (0.71%) की बढ़त के साथ 24,175.70 पर बंद।
निफ्टी आईटी ने 4.64 प्रतिशत की उछाल दर्ज की — मई 2025 के बाद सबसे बड़ी इंट्राडे तेजी।
निवेशकों की कुल संपत्ति एक दिन में ₹3.25 लाख करोड़ बढ़कर बाजार पूंजीकरण ₹479.75 लाख करोड़ हुआ।
कतर के दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद कच्चे तेल में गिरावट तेजी की मुख्य वजह रही।
भारतीय रुपया 24 पैसे कमजोर होकर ₹85.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

बीएसई सेंसेक्स गुरुवार, 2 जुलाई को 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,502.12 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 169.85 अंक चढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र था जब भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ — मुख्य कारण रहा कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट।

मुख्य घटनाक्रम

दिन की शुरुआत में सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,922.64 से 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,083.14 पर खुला। कारोबार के दौरान इसने 77,578.93 का इंट्रा-डे उच्च स्तर छुआ, जो पिछले बंद से 656.28 अंक यानी 0.85 प्रतिशत अधिक था। निफ्टी50 ने 24,062.20 पर कारोबार शुरू किया और दिन में 24,194.55 तक पहुँचा।

व्यापक बाजारों में भी तेजी रही — निफ्टी मिडकैप 0.48 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

आईटी सेक्टर का दमदार प्रदर्शन

निफ्टी आईटी इंडेक्स ने 4.64 प्रतिशत की उछाल के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और मई 2025 के बाद से इंट्राडे में यह सबसे बड़ी एकल-दिवसीय तेजी रही। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, बजाज फिनसर्व और विप्रो के शेयर निफ्टी50 में सबसे अधिक लाभ में रहे।

इसके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी में भी 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर, कैपिटल गुड्स, पावर, टेलीकॉम और पीएसयू बैंक सेक्टर में 0.4 से 0.7 प्रतिशत की गिरावट रही। नुकसान उठाने वाले प्रमुख शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, नेस्ले इंडिया, कोटक बैंक, रिलायंस और मारुति सुजुकी शामिल रहे।

तेजी की वजह: दोहा वार्ता और तेल की कीमतें

कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच संपन्न अप्रत्यक्ष वार्ता — जो मुख्यतः होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित थी — के बाद कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आई। हालाँकि, रिपोर्टों के अनुसार इस वार्ता में क्षेत्रीय स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। तेल आयात पर अत्यधिक निर्भर भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सीधे तौर पर बाजार की धारणा को मजबूत करती है।

निवेशकों की संपत्ति और रुपये की स्थिति

व्यापक खरीदारी के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के ₹476.50 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग ₹479.75 लाख करोड़ हो गया। इस प्रकार निवेशकों की संपत्ति एक ही दिन में करीब ₹3.25 लाख करोड़ बढ़ गई। हालाँकि, भारतीय रुपया इस दिन 24 पैसे की कमजोरी के साथ ₹85.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आगे क्या

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, दोहा वार्ता के नतीजों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि अमेरिका-ईरान के बीच कोई स्थायी समझौता होता है, तो तेल की कीमतों में और गिरावट संभव है, जो भारतीय बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत होगा। आईटी सेक्टर में आई तेज उछाल आगामी तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों की बदलती रणनीति का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाजार ने अनिश्चितता में भी आशावाद चुना — जो एक नाजुक दांव है। रुपये का 24 पैसे कमजोर होना यह याद दिलाता है कि बाहरी मोर्चे पर दबाव अभी पूरी तरह नहीं हटा है, और किसी भी भू-राजनीतिक उलटफेर से यह तेजी उतनी ही तेजी से पलट सकती है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 जुलाई को सेंसेक्स कितना बढ़ा और क्यों?
सेंसेक्स 2 जुलाई को 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर बंद हुआ। कतर के दोहा में अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने से बाजार की धारणा मजबूत हुई।
निफ्टी आईटी में इतनी बड़ी तेजी क्यों आई?
निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.64 प्रतिशत चढ़ा, जो मई 2025 के बाद की सबसे बड़ी इंट्राडे तेजी है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस और विप्रो इस उछाल के प्रमुख चालक रहे।
निवेशकों की संपत्ति पर इस तेजी का क्या असर पड़ा?
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक दिन में लगभग ₹3.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹479.75 लाख करोड़ हो गया। यह व्यापक खरीदारी और मिडकैप-स्मॉलकैप सेगमेंट में भी तेजी का नतीजा था।
दोहा वार्ता का बाजार पर क्या असर पड़ा?
कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। हालाँकि रिपोर्टों के अनुसार कोई स्थायी समझौता नहीं हुआ, फिर भी बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई।
इस दिन कौन से सेक्टर कमजोर रहे?
कैपिटल गुड्स, पावर, टेलीकॉम और पीएसयू बैंक सेक्टर में 0.4 से 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मैक्स हेल्थकेयर, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, नेस्ले इंडिया, कोटक बैंक, रिलायंस और मारुति सुजुकी के शेयर नुकसान में रहे।
राष्ट्र प्रेस
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