विकसित भारत 2047 पर ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त पी. कुमारन का भरोसा — 'बड़े लक्ष्य तय करने से नहीं हिचकता भारत'
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण ज़रूर है, लेकिन देश की मौजूदा विकास दर इसे हासिल करने का भरोसा देती है। उन्होंने ब्रिटेन में बसे भारतीय डायस्पोरा को दोनों देशों के बीच एक सेतु बताया।
स्वतंत्रता दिवस — जश्न से आगे एक संकल्प
कुमारन ने कहा, 'हर स्वतंत्रता दिवस एक मील का पत्थर होता है क्योंकि यह हमें न सिर्फ जश्न मनाने का मौका देता है, बल्कि यह सोचने का भी मौका देता है कि हमारे लिए आगे क्या है और हमने क्या लक्ष्य तय किए हैं और उन लक्ष्यों को पाने के लिए हमें क्या काम करने की जरूरत है।' उन्होंने इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस को विकसित भारत की यात्रा में एक निर्णायक पड़ाव बताया।
विकसित भारत 2047 — लक्ष्य और रणनीति
उच्चायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए चरणबद्ध और सुनियोजित दृष्टिकोण अपनाना होगा। उनके अनुसार, 'यह एक बहुत बड़ा टारगेट है, इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन आज भारत बड़े टारगेट तय करने में हिचकिचाता नहीं है। हम बड़े टारगेट तय करते हैं और उन्हें पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि देश इस समय 'असंभव' कही जाने वाली विकास दर दर्ज कर रहा है, जो आत्मविश्वास का आधार है।
भारतीय डायस्पोरा की भूमिका
ब्रिटेन में रह रहे भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए कुमारन ने कहा, 'यहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग कमाल के हैं। उनके नाम कई कामयाबियां हैं। यह देखना बहुत अच्छा है कि किस तरह की ऊर्जा दोनों देशों को एक साथ लाती है।' गौरतलब है कि ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों की संख्या 15 लाख से अधिक है और वे व्यापार, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी तथा राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं।
व्यापक संदर्भ
यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत जारी है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध नए आयाम ले रहे हैं। विकसित भारत 2047 का विज़न प्रति व्यक्ति आय, बुनियादी ढाँचे और मानव विकास सूचकांकों में विकसित देशों के समकक्ष पहुँचने का लक्ष्य रखता है। कुमारन का यह बयान भारत की विदेश नीति में आर्थिक कूटनीति को केंद्र में रखने की बढ़ती प्रवृत्ति को भी दर्शाता है।
आगे की राह
उच्चायुक्त के अनुसार, लक्ष्यों की पहचान और उन्हें क्रमबद्ध तरीके से लागू करना इस यात्रा की कुंजी है। भारतीय उच्चायोग लंदन में डायस्पोरा के साथ सहयोग को और गहरा करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि 'विकसित भारत' के स्वप्न में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।