सीतारमण ने दोहा में कतरी कारोबारियों से भारत में निवेश की अपील की, GDP वृद्धि 7.8% का हवाला दिया
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 30 सितंबर 2026 को दोहा में कतरी बिजनेसमैन एसोसिएशन (QBA) की बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित करते हुए कतरी कारोबारियों से भारत में व्यापार और निवेश साझेदारी की संभावनाओं को सक्रिय रूप से तलाशने का आह्वान किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर बल दिया।
भारत की आर्थिक मज़बूती का संदेश
वित्त मंत्री सीतारमण ने राउंडटेबल में भारत की ठोस संरचनात्मक विकास गति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में वास्तविक GDP वृद्धि दर बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद निवेश में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जापान क्रेडिट रेटिंग (JCR) ने भारत की दीर्घकालिक इश्यूअर रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- किया है, जिसे वित्त मंत्रालय ने चल रहे संरचनात्मक सुधारों में वैश्विक भरोसे का प्रतीक बताया।
इसके अलावा, सीतारमण ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 में भारत ने अब तक का सर्वाधिक वार्षिक सकल FDI अंतर्वाह $94.53 अरब डॉलर दर्ज किया — जो पिछले 15 वर्षों में सबसे ऊँचा स्तर है।
कतर के विदेश व्यापार मंत्री से मुलाकात
राउंडटेबल से पहले, वित्त मंत्री ने कतर के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. अहमद बिन मोहम्मद अल-सईद से द्विपक्षीय बैठक की। डॉ. अल-सईद ने 2025 में अपनी भारत यात्रा को गर्मजोशी से याद करते हुए कहा कि भारत में पोर्ट, एयरपोर्ट, हाईवे और ऊर्जा जैसे बुनियादी ढाँचा क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएँ हैं।
साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय कंपनियों के लिए कतर में खाद्य सुरक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्टार्ट-अप क्षेत्रों में निवेश के अवसर मौजूद हैं।
रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि
वित्त मंत्री ने याद दिलाया कि फरवरी 2025 में कतर के अमीर की भारत राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक उन्नत किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र के साथ भारत के आर्थिक संबंध तेज़ी से गहरे हो रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत और कतर के बीच ऊर्जा, रेमिटेंस और प्रवासी श्रमिकों के मामले में दशकों पुराना गहरा जुड़ाव रहा है, और 'स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' इस संबंध को नया संस्थागत आयाम देती है।
होर्मुज़ स्ट्रेट और समुद्री व्यापार
सरकारी बयान के मुताबिक, सीतारमण ने भारत और कतर तथा अन्य खाड़ी देशों के बीच सामान्य व्यापार की बहाली के महत्व पर ज़ोर दिया, जिसमें होर्मुज़ स्ट्रेट से निर्बाध समुद्री आवाजाही और वाणिज्य सुनिश्चित करना शामिल है।
यह टिप्पणी क्षेत्रीय भूराजनीतिक तनावों के बीच महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि होर्मुज़ स्ट्रेट से भारत के ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। आगे चलकर दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश समझौतों की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।