31 अगस्त 2026
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GDP वृद्धि दर 7.8%: वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं — यह जनता की मेहनत और NDA सुधारों का फल

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GDP वृद्धि दर 7.8%: वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं — यह जनता की मेहनत और NDA सुधारों का फल

सारांश

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही — पिछले साल से करीब एक प्रतिशत अधिक। वित्त मंत्री सीतारमण, वाणिज्य मंत्री गोयल और पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने इसे जनता की मेहनत और NDA सुधारों की जीत बताया। नॉमिनल GDP में 10.3% और GVA में 8.2% की वृद्धि दर्ज।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही।
यह पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में करीब एक प्रतिशत अधिक है।
नॉमिनल जीडीपी में 10.3 प्रतिशत और वास्तविक GVA में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे NDA सुधारों और नागरिकों की मेहनत का परिणाम बताया।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी वैश्विक चुनौतियों के बीच इस प्रदर्शन को उल्लेखनीय करार दिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 31 अगस्त 2026 को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन का प्रमाण है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब एक प्रतिशत अधिक है और एकाधिक केंद्रीय मंत्रियों ने इसे NDA सरकार की सुधार-उन्मुख नीतियों तथा भारत के नागरिकों के परिश्रम का परिणाम बताया।

मुख्य आर्थिक आँकड़े

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ-साथ नॉमिनल जीडीपी में 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GVA) में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ये तीनों संकेतक मिलकर एक व्यापक आर्थिक विस्तार की तस्वीर पेश करते हैं।

वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय भारत के नागरिकों की कड़ी मेहनत को जाता है और NDA सरकार के सुधारों तथा अर्थव्यवस्था के कुशल प्रबंधन के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार नागरिकों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने और सतत विकास का वातावरण निर्मित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वाणिज्य और पेट्रोलियम मंत्रियों का आकलन

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जीडीपी के आँकड़ों को भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि दर भारतीयों के संकल्प और सरकार की सुधार-उन्मुख नीतियों के संयुक्त प्रभाव को रेखांकित करती है, और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से एक महत्वाकांक्षी एवं समृद्ध अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस वृद्धि को वैश्विक संदर्भ में रखते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद यह प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय है। पुरी ने इस सफलता का श्रेय विभिन्न क्षेत्रों की संयुक्त शक्ति और देश के 1.4 अरब नागरिकों की उद्यमशीलता को दिया।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ मंदी की आशंकाओं से जूझ रही हैं। गौरतलब है कि भारत लगातार कई तिमाहियों से प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में तेज़ विकास दर बनाए रखने वाले देशों में शुमार रहा है। 7.8 प्रतिशत की यह दर भारत को फिलहाल प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले देशों की श्रेणी में रखती है।

आगे की राह

सरकार का कहना है कि सुधारों की यह गति जारी रहेगी और आने वाली तिमाहियों में भी मज़बूत वृद्धि दर बनाए रखने का लक्ष्य है। आर्थिक विशेषज्ञों की नज़र अब दूसरी तिमाही के आँकड़ों पर होगी, जो यह तय करेंगे कि यह गति टिकाऊ है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आँकड़ा पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। सवाल यह है कि यह वृद्धि किन क्षेत्रों से आ रही है और इसका लाभ किस वर्ग तक पहुँच रहा है — क्योंकि उच्च GDP वृद्धि और व्यापक रोज़गार सृजन के बीच की खाई भारत में पुरानी चुनौती रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं का हवाला देकर इस प्रदर्शन को और बड़ा दिखाने की कोशिश तो होगी, पर असली कसौटी यह होगी कि क्या यह गति अगली तिमाहियों में भी बनी रहती है। तीन मंत्रियों का एक साथ बयान आना स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित संचार रणनीति है — जो खुद बताती है कि सरकार इस आँकड़े को राजनीतिक पूँजी में बदलने के लिए कितनी सतर्क है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर कितनी रही?
अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से करीब एक प्रतिशत अधिक है। इसके साथ नॉमिनल जीडीपी में 10.3 प्रतिशत और GVA में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GDP आँकड़ों पर क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 7.8 प्रतिशत की यह वृद्धि दर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन को दर्शाती है। उन्होंने इसका श्रेय जनता की कड़ी मेहनत और NDA सरकार की सुधार-उन्मुख नीतियों को दिया।
भारत की यह जीडीपी वृद्धि दर वैश्विक परिदृश्य में कहाँ खड़ी है?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद यह वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। भारत इस दर के साथ प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ विकास करने वाले देशों में बना हुआ है।
GVA और GDP में क्या अंतर है और दोनों के आँकड़े क्या रहे?
GDP (सकल घरेलू उत्पाद) में सरकारी करों और सब्सिडी का प्रभाव शामिल होता है, जबकि GVA (सकल मूल्य वर्धन) उत्पादन पक्ष से अर्थव्यवस्था की माप करता है। इस तिमाही में वास्तविक GDP 7.8 प्रतिशत और GVA 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस आर्थिक प्रदर्शन पर क्या कहा?
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और यहाँ के लोगों के संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की सुधार-उन्मुख नीतियों ने इस प्रदर्शन को और बेहतर बनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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