31 अगस्त 2026
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राहुल गांधी पर एफआईआर: गुलाम अहमद मीर बोले — 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे', BJP पर साधा निशाना

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राहुल गांधी पर एफआईआर: गुलाम अहमद मीर बोले — 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे', BJP पर साधा निशाना

सारांश

राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर को कांग्रेस ने BJP की 'आंतरिक कमज़ोरी' करार दिया है। गुलाम अहमद मीर ने खड़गे रैली के बाद हुए शुद्धिकरण विवाद को केंद्र में रखकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि संगठित तरीके से एफआईआर दर्ज कराना संविधान की भावना के खिलाफ है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने 31 अगस्त को राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर को BJP की 'आंतरिक कमज़ोरी' बताया।
मीर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम का संदर्भ दिया और इसे दलित सम्मान से जोड़ा।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को मीर ने 'संगठित' और 'संविधान विरोधी' कदम बताया।
कांग्रेस मंत्री बसवराज रायरेड्डी के धर्म संबंधी बयान पर मीर ने कहा — 'अपने धर्म का पालन करें, दूसरों का सम्मान करें।' TVK द्वारा मुख्यमंत्री विजय को पीएम उम्मीदवार पेश करने पर मीर ने कहा — जनता तय करेगी नेतृत्व।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर तमिलनाडु कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने 31 अगस्त को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'आंतरिक कमज़ोरी' करार देते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद संगठित तरीके से एफआईआर दर्ज कराना लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है।

मुख्य घटनाक्रम

गुलाम अहमद मीर ने कहा, 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे — पूरे देश ने इसे महसूस किया।' उन्होंने संदर्भ देते हुए बताया कि जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे — जो देश के एक कद्दावर और सम्मानित दलित नेता हैं — की रैली के बाद शुद्धिकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया, तो देश में व्यापक भावनात्मक प्रतिक्रिया हुई। मीर के अनुसार, जैसे ही खड़गे ने संसद में इस घटना का उल्लेख किया, पूरे देश का ध्यान इस पर केंद्रित हो गया।

BJP पर सीधा हमला

मीर ने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस देश में हर नागरिक को बोलने का अधिकार है और संविधान सभी को सम्मान की गारंटी देता है। उनका तर्क था कि जिस व्यक्ति ने आपत्तिजनक हरकत की, एफआईआर उस पर होनी चाहिए थी — न कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्हीं के खिलाफ संगठित ढंग से मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई नेताओं ने भी इस मसले पर टिप्पणी की है, जो BJP की स्थिति को और कमज़ोर करती है।

धर्म और सम्मान पर कांग्रेस का रुख

कांग्रेस मंत्री बसवराज रायरेड्डी के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कथित तौर पर इस्लाम को अन्य धर्मों से बेहतर बताया — मीर ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'हमारा सीधा सिद्धांत है — अपने धर्म का पालन करें और दूसरों के धर्मों का सम्मान करें। किसने क्या कहा और किस संदर्भ में, हम उन बातों में नहीं पड़ते।' यह बयान कांग्रेस की सर्वधर्म समभाव की पारंपरिक लाइन के अनुरूप है।

टीवीके और विजय के पीएम अभियान पर प्रतिक्रिया

तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) द्वारा मुख्यमंत्री विजय को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में पेश करने के अभियान पर मीर ने संयमित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हर पार्टी को अपना प्रचार करने का अधिकार है, परंतु देश का नेतृत्व कौन करेगा — यह अंततः जनता तय करेगी।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन INDIA और सत्तारूढ़ NDA के बीच संसदीय और सार्वजनिक मंचों पर टकराव तेज़ होता जा रहा है। राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर का राजनीतिक असर आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होगा, खासकर तब जब कांग्रेस इसे दलित सम्मान के व्यापक मुद्दे से जोड़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह भी उतना ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। TVK-विजय के पीएम अभियान पर मीर की चुप्पी बताती है कि कांग्रेस दक्षिण भारत में गठबंधन की राजनीति में फूँक-फूँककर कदम रख रही है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी पर किस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है?
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर उनकी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दर्ज कराई गई। कांग्रेस का आरोप है कि यह एफआईआर संगठित तरीके से BJP की ओर से दर्ज कराई गई, जिसे पार्टी ने 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताया है।
गुलाम अहमद मीर ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
मीर ने कहा कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद उन्हीं पर एफआईआर दर्ज कराना BJP की 'आंतरिक कमज़ोरी' दर्शाता है। उन्होंने इसे संविधान-प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया।
खड़गे रैली के बाद शुद्धिकरण विवाद क्या है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर शुद्धिकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मीर ने इसे दलित नेता के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे देश में भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न की।
TVK और मुख्यमंत्री विजय के पीएम अभियान पर कांग्रेस का क्या रुख है?
तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी मीर ने संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि हर पार्टी को अपना प्रचार करने का अधिकार है, लेकिन देश का नेतृत्व कौन करेगा, यह जनता तय करेगी।
बसवराज रायरेड्डी के धर्म संबंधी बयान पर कांग्रेस ने क्या कहा?
गुलाम अहमद मीर ने सीधे बयान पर टिप्पणी करने से बचते हुए कांग्रेस का पारंपरिक रुख दोहराया — 'अपने धर्म का पालन करें और दूसरों के धर्मों का सम्मान करें।' उन्होंने कहा कि पार्टी किसी के बयान के संदर्भ में जाने से परहेज करती है।
राष्ट्र प्रेस
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