31 अगस्त 2026
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राहुल गांधी पर FIR के बाद कांग्रेस का पलटवार, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

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राहुल गांधी पर FIR के बाद कांग्रेस का पलटवार, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

सारांश

राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR दर्ज होते ही कांग्रेस ने पलटवार किया — वेणुगोपाल ने इसे 'दोषी का दूसरों पर दोष मढ़ना' बताया और सोमवार शाम देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया। विवाद की जड़ में है खड़गे की रैली के तीन दिन बाद उसी मैदान में हुआ 'शुद्धिकरण यज्ञ'।

मुख्य बातें

उत्तराखंड पुलिस ने हल्द्वानी में विपक्ष नेता राहुल गांधी के खिलाफ BNS और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की धाराओं के तहत FIR दर्ज की।
विवाद की शुरुआत 11 अगस्त को हुए 'शुद्धिकरण यज्ञ' से हुई — कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त की रैली के तीन दिन बाद।
शिकायतकर्ता अमित कुमार ने आरोप लगाया कि 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी की टिप्पणियों ने समुदाय की भावनाएँ आहत कीं।
कांग्रेस महासचिव के.सी.
वेणुगोपाल ने FIR को 'निराधार' बताया और इसे भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया करार दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम देशभर में सड़कों पर उतरकर भाजपा नेताओं पर मुकदमे और FIR रद्द करने की माँग की।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने सोमवार, 31 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। यह विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए एक 'शुद्धिकरण यज्ञ' से जुड़ा है, जिसे कांग्रेस ने दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताया है।

विवाद की पृष्ठभूमि

8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। इसके तीन दिन बाद, 11 अगस्त को कुछ व्यक्तियों ने उसी स्थल पर 'शुद्धिकरण यज्ञ' का आयोजन किया। राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना का उल्लेख करते हुए इसमें शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मुकदमा चलाने की माँग की थी।

एफआईआर का आधार

पुलिस ने बताया कि जवाहर नगर निवासी और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सदस्य अमित कुमार की शिकायत पर हल्द्वानी पुलिस स्टेशन में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि वे अनुसूचित जाति समुदाय से हैं और उस अनुष्ठान में विभिन्न वर्गों के लोग शामिल थे। उनके अनुसार राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों ने अनुष्ठान से जुड़े लोगों को 'अस्पृश्यता' का अभ्यास करने वाला और 'दलित विरोधी' चित्रित किया, जिससे समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं।

एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत दर्ज की गई है जो विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता भड़काने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित हैं। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएँ भी शामिल की गई हैं।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी जी की उस साहसिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन जिसमें उन्होंने खड़गे की रैली के बाद हुए 'शुद्धिकरण' के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की थी, उत्तराखंड पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। यह ठीक वैसा ही है जैसे दोषी व्यक्ति ही दूसरों पर दोष मढ़ने लगे।'

वेणुगोपाल ने भाजपा पर 'घोर जातिवादी आचरण' का बचाव करने और दलितों पर होने वाले अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाने वालों पर राज्य की शक्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने संविधान में निहित सामाजिक न्याय के मूल्यों पर हमला किया है और कांग्रेस इस हमले का डटकर मुकाबला करेगी।'

देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

वेणुगोपाल ने घोषणा की कि सोमवार शाम देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। उनकी प्रमुख माँगें हैं — खड़गे का अपमान करने वाले भाजपा नेताओं पर मुकदमा चलाना और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को 'निराधार' बताते हुए रद्द करवाना।

भाजपा का पक्ष

भाजपा ने 'शुद्धिकरण यज्ञ' का बचाव करते हुए कहा कि खड़गे की रैली के बाद स्थल पर गंदगी फैली हुई थी और वहाँ ऐसे नारे लगाए गए थे जो एक धार्मिक स्थल के लिए अनुचित थे। पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब दोनों दलों के बीच सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव पहले से तीव्र है। आने वाले दिनों में यह मामला संसद और अदालत — दोनों मंचों पर गूँज सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR क्यों दर्ज हुई?
हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर यह FIR दर्ज हुई, जिनका आरोप है कि 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने 'शुद्धिकरण यज्ञ' में शामिल लोगों को 'अस्पृश्यता' का अभ्यास करने वाला बताकर समुदाय की भावनाएँ आहत कीं। FIR BNS की धाराओं और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज की गई है।
हल्द्वानी का 'शुद्धिकरण यज्ञ' विवाद क्या है?
8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में रैली की थी। तीन दिन बाद, 11 अगस्त को कुछ व्यक्तियों ने उसी स्थल पर 'शुद्धिकरण यज्ञ' का आयोजन किया। कांग्रेस ने इसे खड़गे की जाति को लक्ष्य कर किया गया अपमान बताया, जबकि भाजपा ने इसे धार्मिक स्थल की सफाई का सामान्य कार्यक्रम करार दिया।
के.सी. वेणुगोपाल ने क्या माँगें रखी हैं?
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने दो प्रमुख माँगें रखी हैं — खड़गे का अपमान करने वाले भाजपा नेताओं पर मुकदमा चलाया जाए और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को 'निराधार' बताते हुए रद्द किया जाए। उन्होंने इस FIR को भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया।
कांग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान क्यों किया?
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताते हुए सोमवार शाम देशभर में कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने का निर्देश दिया। पार्टी का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती और FIR रद्द नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
भाजपा ने 'शुद्धिकरण यज्ञ' पर क्या सफाई दी?
भाजपा ने कहा कि खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में गंदगी फैली थी और वहाँ एक धार्मिक स्थल के लिए अनुचित नारे लगाए गए थे, इसलिए यह अनुष्ठान किया गया। पार्टी ने कांग्रेस के दलित-विरोधी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया।
राष्ट्र प्रेस
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