खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद 'शुद्धिकरण' विवाद: भोपाल में कांग्रेस ने SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी (उत्तराखंड) में आयोजित जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर गंगाजल छिड़ककर 'शुद्धिकरण' किए जाने का विवाद अब मध्य प्रदेश तक फैल गया है। 30 अगस्त को राज्य कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भोपाल के एमपी नगर पुलिस स्टेशन पहुँचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा समाप्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े कुछ लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे और मंच तथा मैदान पर गंगाजल छिड़का। कांग्रेस के अनुसार, इन लोगों ने इस कृत्य को 'स्थल-शुद्धि' की रस्म बताया।
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में शिकायतकर्ताओं ने कहा कि किसी नेता की रैली के बाद मंच या कार्यक्रम स्थल को इस तरह 'शुद्ध' करना सामाजिक रूप से आपत्तिजनक है और यह अनुसूचित जाति के सदस्यों के विरुद्ध छुआछूत एवं भेदभाव को बढ़ावा देता है।
कांग्रेस की माँगें
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — भोपाल पुलिस द्वारा मामले की गहन जाँच, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करना, और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई।
पार्टी ने इस हरकत को 'सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता का प्रत्यक्ष प्रदर्शन' करार दिया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब देश में जातिगत भेदभाव और दलित अधिकारों को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे स्वयं दलित समुदाय से आते हैं और देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ सार्वजनिक जीवन में जातिगत पूर्वग्रह की गहरी जड़ों को उजागर करती हैं।
भाजपा की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
भोपाल पुलिस द्वारा शिकायत की जाँच किए जाने की उम्मीद है। यदि SC/ST अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज होती है, तो मामला और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग ने संकेत दिया है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाएँगे।