यूपी टी20 लीग: करण शर्मा की बैटिंग में निखार, प्रवीण आमरे की कोचिंग से 9 मैचों में 298 रन
सारांश
मुख्य बातें
काशी रुद्रास के कप्तान करण शर्मा ने यूपी टी20 लीग 2026 में 9 मैचों में 37.25 की औसत और 146.8 के स्ट्राइक-रेट से 298 रन बनाकर रन-चार्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय भारत के पूर्व बल्लेबाज और अनुभवी बैटिंग कोच प्रवीण आमरे के साथ मुंबई में बिताए 10 दिनों की गहन ट्रेनिंग को दिया है।
आमरे के साथ ट्रेनिंग: क्या बदला
करण शर्मा ने बताया कि सीजन शुरू होने से पहले उन्होंने अपने सामान्य रूटीन से हटकर कुछ नया आज़माने का फैसला किया। वे अपने बचपन के कोच राजन सचदेवा के साथ नियमित रूप से काम करते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने मुंबई जाकर प्रवीण आमरे के साथ बैटिंग के तकनीकी पहलुओं पर काम किया।
करण ने कहा, 'मैंने उनके साथ 10 दिन प्रैक्टिस की और बैटिंग के बारे में गहराई से समझा। उन्होंने मेरी बैटिंग के एक-दो तकनीकी पहलुओं पर मेरी बहुत मदद की — इसकी वजह से मैंने खुद में अपने शॉट्स और पावर में बदलाव देखा और बॉल को बेहतर तरीके से टाइम करने लगा।' इस ट्रेनिंग में मुख्यतः पोस्चर और स्विंग में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार शामिल थे।
मसल मेमोरी बदलना: मानसिक और शारीरिक चुनौती
करण ने स्वीकार किया कि वर्षों से अपनाई गई बैटिंग की आदतों को बदलना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, 'अगर आप अपनी बैटिंग में कुछ भी बदलते हैं, तो जाहिर है कि यह आसान नहीं होता। एक बैटर के तौर पर जब आप अपना नेचुरल अंदाज बदलते हैं — खासकर तब जब वह आपकी मसल मेमोरी का हिस्सा बन चुका हो — तो उस आदत को बदलना मुश्किल होता है।'
उन्होंने बताया कि शुरुआती एक महीने में थोड़ी मुश्किल हुई, लेकिन उसके बाद बैटिंग में स्वाभाविकता और आनंद दोनों लौट आए। करण ने यह भी कहा कि वे अगले रणजी ट्रॉफी सीजन से पहले एक बार फिर मुंबई जाकर आमरे के साथ समय बिताने की योजना बना रहे हैं।
नोएडा किंग्स के खिलाफ शतकीय पारी
लगातार चार मैच हारने के बाद काशी रुद्रास ने नोएडा किंग्स के खिलाफ 67 रनों से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में करण शर्मा ने 51 गेंदों पर 102 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह जीत टीम के लिए न केवल अंकों के लिहाज से बल्कि मनोबल के लिहाज से भी निर्णायक रही।
फिलहाल काशी रुद्रास अंक तालिका में 8 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है और नॉकआउट की दौड़ में बनी हुई है।
कप्तान की प्रोसेस-फर्स्ट सोच
करण शर्मा ने टीम प्रबंधन की अपनी फलसफे को साफ शब्दों में रखा — परिणाम नहीं, प्रक्रिया। उन्होंने कहा, 'मैं उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करता हूं जो जीतने के लिए महत्वपूर्ण हैं, न कि सिर्फ यह सोचने पर कि हमें जीतना है।' उनके अनुसार टूर्नामेंट की तेज रफ्तार — करीब 20 दिनों में 10 मैच — में 'वर्तमान में जीना' सबसे बड़ा मानसिक हथियार है।
दो बार की चैंपियन काशी रुद्रास के लिए तीसरा खिताब जीतना सबसे बड़ी प्रेरणा है, लेकिन करण का जोर इस बात पर है कि हर मैच को अलग इकाई मानकर खेला जाए और पिछली जीत या हार का बोझ अगले मुकाबले पर न आने दिया जाए।
आगे क्या
नॉकआउट चरण नजदीक आने के साथ काशी रुद्रास की नजर अंक तालिका में और ऊपर चढ़ने पर होगी। करण शर्मा का फॉर्म और टीम की पुनर्जीवित लय उन्हें दावेदारों की पहली पंक्ति में रखती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आमरे की तकनीकी कोचिंग से मिला आत्मविश्वास करण को नॉकआउट के दबाव में भी उतना ही धारदार बनाए रखता है।