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PM मोदी बिश्केक पहुंचे: 26वें SCO समिट में भारत का एजेंडा — आतंकवाद, कनेक्टिविटी और मध्य एशिया साझेदारी

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PM मोदी बिश्केक पहुंचे: 26वें SCO समिट में भारत का एजेंडा — आतंकवाद, कनेक्टिविटी और मध्य एशिया साझेदारी

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी 26वें SCO समिट के लिए बिश्केक पहुंचे — एजेंडे में आतंकवाद, कनेक्टिविटी और मध्य एशिया के साथ रणनीतिक साझेदारी। किर्गिस्तान को उम्मीद है कि यह यात्रा ₹91 मिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाई देगी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 30 अगस्त को बिश्केक पहुंचे; 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
मानस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैबिनेट चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव ने स्वागत किया।
मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन में शामिल होंगे।
भारत 2017 से SCO का सक्रिय सदस्य; आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खिलाफ क्षेत्रीय सहयोग प्राथमिकता।
2024 में भारत-किर्गिस्तान द्विपक्षीय व्यापार लगभग 91 मिलियन डॉलर ; किर्गिस्तान को निवेश बढ़ने की उम्मीद।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 30 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे, जहाँ वे 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। मानस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किर्गिस्तान के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह यात्रा उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की दो-देशीय दौरे का हिस्सा है।

भारत का SCO एजेंडा

रवाना होने से पूर्व दिए अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 2017 से SCO का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर आधारित इस क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने और आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी बुराइयों से मुक्त क्षेत्र के लिए साथी सदस्यों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं, जो हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब SCO सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर सहमति बनाने की कोशिशें तेज हो रही हैं। गौरतलब है कि भारत इस मंच पर पाकिस्तान और चीन दोनों के साथ एक ही मेज पर बैठता है, जो इस शिखर सम्मेलन को कूटनीतिक दृष्टि से विशेष रूप से संवेदनशील बनाता है।

द्विपक्षीय बैठकें और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स

बिश्केक प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव सहित SCO के अन्य नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वे छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। मोदी ने इसे 'मध्य एशिया की समृद्ध जीवित विरासत का उत्सव' बताया, जिसका भारत गहरा सम्मान करता है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा 'मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी, इस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत संबंधों को गहरा करेगी और शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारे साझा प्रयासों को आगे बढ़ाएगी।'

किर्गिस्तान की आर्थिक अपेक्षाएँ

किर्गिस्तान के निवेश मंत्री ने शनिवार को कहा कि उनका देश इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों, निवेश और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद रखता है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और एग्रो-इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में अधिक भारतीय कंपनियों को आकर्षित करने की इच्छा जताई।

आँकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत और किर्गिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 91 मिलियन डॉलर तक पहुँचा — एक आँकड़ा जो दोनों देशों की विशाल अप्रयुक्त क्षमता को उजागर करता है। निवेश मंत्री ने इस यात्रा को 'किर्गिस्तान के लिए एक ऐतिहासिक घटना' करार दिया।

आगे की राह

SCO शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और व्यापार कनेक्टिविटी पर चर्चा अपेक्षित है। भारत के लिए यह मंच मध्य एशिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को गति देने का महत्वपूर्ण अवसर है। द्विपक्षीय बैठकों के नतीजे और किसी संभावित समझौते की घोषणा समिट के समापन पर सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सीमाओं पर तनाव बरकरार है। मोदी का 'आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र' का आह्वान सुनने में ठोस लगता है, लेकिन SCO के भीतर इस पर सहमति बनाना ऐतिहासिक रूप से कठिन रहा है। किर्गिस्तान के साथ मात्र 91 मिलियन डॉलर का व्यापार दर्शाता है कि 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति अभी तक जमीन पर उतनी नहीं उतरी जितनी घोषणाओं में दिखती है। असली कसौटी यह होगी कि इस यात्रा से निकलने वाले समझौते मापनीय आर्थिक और सुरक्षा परिणामों में बदलते हैं या नहीं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26वां SCO शिखर सम्मेलन कहाँ और कब हो रहा है?
26वाँ शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 30 अगस्त 2026 को आयोजित हो रहा है। इसमें SCO के सभी सदस्य देशों के नेता भाग ले रहे हैं।
PM मोदी SCO समिट में किन मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी सुरक्षा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय अवसरों पर भारत का विजन प्रस्तुत करेंगे। विशेष रूप से आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के विरुद्ध सामूहिक कार्रवाई उनके एजेंडे में प्रमुख है।
भारत और किर्गिस्तान के बीच व्यापार की स्थिति क्या है?
आँकड़ों के अनुसार 2024 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 91 मिलियन डॉलर रहा। किर्गिस्तान इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और एग्रो-इंडस्ट्री में भारतीय निवेश आकर्षित करना चाहता है।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स क्या है और मोदी इसमें क्यों शामिल हो रहे हैं?
वर्ल्ड नोमैड गेम्स मध्य एशिया की पारंपरिक खेल और सांस्कृतिक विरासत का अंतरराष्ट्रीय उत्सव है। PM मोदी छठे संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे, जो भारत और मध्य एशिया के सभ्यतागत जुड़ाव को रेखांकित करता है।
भारत SCO का सदस्य कब से है?
भारत 2017 से शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य है। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, भारत इस मंच पर सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाता आया है।
राष्ट्र प्रेस
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