PM मोदी बिश्केक पहुंचे: 26वें SCO समिट में भारत का एजेंडा — आतंकवाद, कनेक्टिविटी और मध्य एशिया साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 30 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे, जहाँ वे 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। मानस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किर्गिस्तान के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह यात्रा उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की दो-देशीय दौरे का हिस्सा है।
भारत का SCO एजेंडा
रवाना होने से पूर्व दिए अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 2017 से SCO का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर आधारित इस क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने और आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी बुराइयों से मुक्त क्षेत्र के लिए साथी सदस्यों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं, जो हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब SCO सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर सहमति बनाने की कोशिशें तेज हो रही हैं। गौरतलब है कि भारत इस मंच पर पाकिस्तान और चीन दोनों के साथ एक ही मेज पर बैठता है, जो इस शिखर सम्मेलन को कूटनीतिक दृष्टि से विशेष रूप से संवेदनशील बनाता है।
द्विपक्षीय बैठकें और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स
बिश्केक प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव सहित SCO के अन्य नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वे छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। मोदी ने इसे 'मध्य एशिया की समृद्ध जीवित विरासत का उत्सव' बताया, जिसका भारत गहरा सम्मान करता है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा 'मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी, इस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत संबंधों को गहरा करेगी और शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारे साझा प्रयासों को आगे बढ़ाएगी।'
किर्गिस्तान की आर्थिक अपेक्षाएँ
किर्गिस्तान के निवेश मंत्री ने शनिवार को कहा कि उनका देश इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों, निवेश और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद रखता है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और एग्रो-इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में अधिक भारतीय कंपनियों को आकर्षित करने की इच्छा जताई।
आँकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत और किर्गिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 91 मिलियन डॉलर तक पहुँचा — एक आँकड़ा जो दोनों देशों की विशाल अप्रयुक्त क्षमता को उजागर करता है। निवेश मंत्री ने इस यात्रा को 'किर्गिस्तान के लिए एक ऐतिहासिक घटना' करार दिया।
आगे की राह
SCO शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और व्यापार कनेक्टिविटी पर चर्चा अपेक्षित है। भारत के लिए यह मंच मध्य एशिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को गति देने का महत्वपूर्ण अवसर है। द्विपक्षीय बैठकों के नतीजे और किसी संभावित समझौते की घोषणा समिट के समापन पर सामने आने की संभावना है।