पीएम मोदी के किर्गिस्तान दौरे से भारत-किर्गिज व्यापार को नई गति, SCO समिट में 20+ देश होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी किर्गिस्तान दौरे को लेकर किर्गिज़ सरकार में उत्साह स्पष्ट दिख रहा है। किर्गिस्तान के निवेश मंत्री रावशानबेक सबिरोव और पर्यटन मंत्री एडुआर्ड कुबातोव ने इस दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग एक नए स्तर पर पहुँचेगा। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत और किर्गिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 9.1 करोड़ डॉलर तक पहुँच चुका है।
निवेश मंत्री सबिरोव का बयान
निवेश मंत्री रावशानबेक सबिरोव ने कहा, 'यह किर्गिस्तान के लिए बेहद खास मौका है। हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस ऐतिहासिक दौरे के बाद भारत और किर्गिस्तान के बीच सहयोग एक नए स्तर पर पहुँचेगा। हमें उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के बीच निवेश की संभावनाएँ और आर्थिक सहयोग और मज़बूत होगा।' उन्होंने यह भी बताया कि किर्गिस्तान, भारत को शहद, सूखे मेवे, बीन्स और सोना जैसे उत्पाद निर्यात करता है, जबकि भारत से काजू, सूखे मेवे और अन्य उत्पाद किर्गिस्तान में आते हैं।
SCO समिट और पर्यटन मंत्री का स्वागत
पर्यटन मंत्री एडुआर्ड कुबातोव ने कहा कि किर्गिस्तान इस बार शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं वर्षगाँठ पर एक ऐतिहासिक समिट की मेज़बानी करेगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्र और सरकार प्रमुख भाग लेंगे। उन्होंने कहा, 'भारत के साथ हमारी बहुत अच्छी साझेदारी है और हम प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।' यह दौरा SCO समिट के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।
भारत-किर्गिस्तान संबंधों का व्यापक परिप्रेक्ष्य
कुबातोव ने भारत-किर्गिस्तान संबंधों के भविष्य पर कहा कि किर्गिस्तान अब एक नए विकास पथ पर है और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय, दोनों स्तरों पर रणनीतिक साझेदारी बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'भारत न केवल किर्गिस्तान का, बल्कि पूरे मध्य एशिया का एक अहम वैश्विक साझेदार है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है।
व्यापारिक सहयोग की मौजूदा स्थिति
सबिरोव के अनुसार, 2024 में दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार लगभग 9.1 करोड़ डॉलर रहा, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक जुड़ाव को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह आँकड़ा हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार में आई तेज़ी का संकेत है। मोदी के दौरे के बाद इस संख्या में और वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की राह
पीएम मोदी का यह दौरा SCO समिट के अवसर पर होगा, जो किर्गिस्तान के लिए राजनयिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों मंत्रियों ने संकेत दिया कि इस दौरान निवेश और व्यापार से जुड़े नए समझौतों की संभावना है। भारत-मध्य एशिया संपर्क की दिशा में यह दौरा एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।