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पीएम मोदी के किर्गिस्तान दौरे से भारत-किर्गिज व्यापार को नई गति, SCO समिट में 20+ देश होंगे शामिल

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पीएम मोदी के किर्गिस्तान दौरे से भारत-किर्गिज व्यापार को नई गति, SCO समिट में 20+ देश होंगे शामिल

सारांश

पीएम मोदी का किर्गिस्तान दौरा महज़ एक राजनयिक यात्रा नहीं — यह भारत की मध्य एशिया रणनीति का अगला अध्याय है। SCO की 25वीं वर्षगाँठ पर 20+ देशों की मेज़बानी और 9.1 करोड़ डॉलर के व्यापार को नई ऊँचाई देने की उम्मीद के साथ, किर्गिज़ मंत्रियों ने इसे ऐतिहासिक मौका करार दिया है।

मुख्य बातें

किर्गिज़ निवेश मंत्री रावशानबेक सबिरोव ने पीएम मोदी के आगामी दौरे को ऐतिहासिक बताया और निवेश व आर्थिक सहयोग में नई प्रगति की उम्मीद जताई।
2024 में भारत-किर्गिस्तान द्विपक्षीय व्यापार 9.1 करोड़ डॉलर तक पहुँचा।
किर्गिस्तान, भारत को शहद, सूखे मेवे, बीन्स और सोना निर्यात करता है; भारत से काजू और सूखे मेवे आयात होते हैं।
पर्यटन मंत्री एडुआर्ड कुबातोव ने बताया कि SCO की 25वीं वर्षगाँठ समिट में 20 से अधिक देशों के प्रमुख भाग लेंगे।
किर्गिज़ मंत्रियों ने भारत को मध्य एशिया का अहम वैश्विक साझेदार बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी किर्गिस्तान दौरे को लेकर किर्गिज़ सरकार में उत्साह स्पष्ट दिख रहा है। किर्गिस्तान के निवेश मंत्री रावशानबेक सबिरोव और पर्यटन मंत्री एडुआर्ड कुबातोव ने इस दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग एक नए स्तर पर पहुँचेगा। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत और किर्गिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 9.1 करोड़ डॉलर तक पहुँच चुका है।

निवेश मंत्री सबिरोव का बयान

निवेश मंत्री रावशानबेक सबिरोव ने कहा, 'यह किर्गिस्तान के लिए बेहद खास मौका है। हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस ऐतिहासिक दौरे के बाद भारत और किर्गिस्तान के बीच सहयोग एक नए स्तर पर पहुँचेगा। हमें उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के बीच निवेश की संभावनाएँ और आर्थिक सहयोग और मज़बूत होगा।' उन्होंने यह भी बताया कि किर्गिस्तान, भारत को शहद, सूखे मेवे, बीन्स और सोना जैसे उत्पाद निर्यात करता है, जबकि भारत से काजू, सूखे मेवे और अन्य उत्पाद किर्गिस्तान में आते हैं।

SCO समिट और पर्यटन मंत्री का स्वागत

पर्यटन मंत्री एडुआर्ड कुबातोव ने कहा कि किर्गिस्तान इस बार शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं वर्षगाँठ पर एक ऐतिहासिक समिट की मेज़बानी करेगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्र और सरकार प्रमुख भाग लेंगे। उन्होंने कहा, 'भारत के साथ हमारी बहुत अच्छी साझेदारी है और हम प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।' यह दौरा SCO समिट के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।

भारत-किर्गिस्तान संबंधों का व्यापक परिप्रेक्ष्य

कुबातोव ने भारत-किर्गिस्तान संबंधों के भविष्य पर कहा कि किर्गिस्तान अब एक नए विकास पथ पर है और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय, दोनों स्तरों पर रणनीतिक साझेदारी बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'भारत न केवल किर्गिस्तान का, बल्कि पूरे मध्य एशिया का एक अहम वैश्विक साझेदार है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है।

व्यापारिक सहयोग की मौजूदा स्थिति

सबिरोव के अनुसार, 2024 में दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार लगभग 9.1 करोड़ डॉलर रहा, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक जुड़ाव को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह आँकड़ा हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार में आई तेज़ी का संकेत है। मोदी के दौरे के बाद इस संख्या में और वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

आगे की राह

पीएम मोदी का यह दौरा SCO समिट के अवसर पर होगा, जो किर्गिस्तान के लिए राजनयिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों मंत्रियों ने संकेत दिया कि इस दौरान निवेश और व्यापार से जुड़े नए समझौतों की संभावना है। भारत-मध्य एशिया संपर्क की दिशा में यह दौरा एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत के कुल व्यापार के पैमाने पर यह अभी भी बेहद सीमित है। असली सवाल यह है कि SCO मंच पर होने वाली बैठकें ठोस निवेश समझौतों में कितनी तेज़ी से तब्दील होती हैं। भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति वर्षों से घोषणाओं के स्तर पर अटकी रही है; मोदी का यह दौरा उसे ज़मीन पर उतारने की कसौटी होगा।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी किर्गिस्तान क्यों जा रहे हैं?
पीएम मोदी किर्गिस्तान में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं वर्षगाँठ समिट में भाग लेने जा रहे हैं, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्र और सरकार प्रमुख शामिल होंगे। यह दौरा भारत-किर्गिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने का भी अवसर है।
भारत और किर्गिस्तान के बीच व्यापार कितना है?
किर्गिज़ निवेश मंत्री सबिरोव के अनुसार, 2024 में भारत और किर्गिस्तान के बीच आपसी व्यापार लगभग 9.1 करोड़ डॉलर रहा। किर्गिस्तान भारत को शहद, सूखे मेवे, बीन्स और सोना निर्यात करता है, जबकि भारत से काजू और सूखे मेवे आयात होते हैं।
SCO समिट की 25वीं वर्षगाँठ कहाँ और कब होगी?
SCO की 25वीं वर्षगाँठ समिट किर्गिस्तान में आयोजित होगी, जिसकी मेज़बानी किर्गिज़ सरकार कर रही है। पर्यटन मंत्री एडुआर्ड कुबातोव के अनुसार, इसमें 20 से अधिक देशों के प्रमुख भाग लेंगे।
किर्गिज़ मंत्रियों ने मोदी के दौरे को ऐतिहासिक क्यों बताया?
किर्गिज़ निवेश मंत्री सबिरोव और पर्यटन मंत्री कुबातोव का मानना है कि मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाएगा। साथ ही SCO की 25वीं वर्षगाँठ पर यह दौरा राजनयिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
भारत-किर्गिस्तान संबंधों में मध्य एशिया की क्या भूमिका है?
किर्गिज़ पर्यटन मंत्री कुबातोव ने कहा कि भारत न केवल किर्गिस्तान का, बल्कि पूरे मध्य एशिया का एक अहम वैश्विक साझेदार है। भारत अपनी 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति के तहत इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और सहयोग को विस्तार दे रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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