नेपाल बाढ़: पश्चिम बंगाल के 37 पर्यटक अब भी लापता, 2 से संपर्क; CM ने नेपाल टीम भेजने की माँगी अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच पश्चिम बंगाल के 39 लापता पर्यटकों में से दो से संपर्क स्थापित हो गया है, जबकि 37 लोग अब भी लापता हैं। 28 अगस्त की रात पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह जानकारी साझा की। बचाव एवं खोज अभियान अभी भी जारी है।
कौन हैं लापता पर्यटक
जानकारी के अनुसार, लापता 39 लोगों में अधिकांश पश्चिम बंगाल के तीर्थयात्री हैं, जो कोलकाता की एक टूर ऑपरेटर कंपनी के माध्यम से नेपाल यात्रा पर गए थे। इस समूह में उस कंपनी के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। जिन दो पर्यटकों से संपर्क हो सका है, वे उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उपमंडल के निवासी बताए गए हैं।
मुख्यमंत्री की वर्चुअल बैठक और बयान
शुक्रवार रात मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लापता पर्यटकों के परिजनों के साथ वर्चुअल बैठक की। यह बैठक दक्षिण कोलकाता स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय भवानी भवन में आयोजित की गई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ उन परिवारों का संकट नहीं है जिनके सदस्य नेपाल में लापता हैं। पूरा राज्य उनकी चिंता कर रहा है। हम सभी को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।'
नेपाल में टीम भेजने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार बचाव और समन्वय कार्यों के लिए नेपाल में एक टीम भेजना चाहती है, जिसके लिए केंद्रीय विदेश मंत्रालय से अनुमति का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा, 'जैसे ही विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलेगी, हमारी टीम काठमांडू के लिए रवाना हो जाएगी।' प्रस्तावित टीम में राज्य मंत्रिमंडल का एक सदस्य, सचिव स्तर का एक आईएएस अधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रैंक का एक पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति और बचाव अभियान
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के चरम पर नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। गौरतलब है कि संपर्क टूटने के कारण लापता लोगों का पता लगाने में गंभीर कठिनाइयाँ आ रही हैं, और बचाव दल अभी भी अभियान में जुटे हैं। परिजनों की चिंताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने तेज़ी से कूटनीतिक कदम उठाए हैं।
आने वाले घंटों में विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और नेपाल में बचाव अभियान की प्रगति इस संकट की दिशा तय करेगी।