27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटक: गिरीश महाजन बोले — केंद्र से लगातार संपर्क, 37 की सुरक्षा पुष्टि

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नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटक: गिरीश महाजन बोले — केंद्र से लगातार संपर्क, 37 की सुरक्षा पुष्टि

सारांश

नेपाल-तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन के बाद महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों का हाल अज्ञात है। मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि 37 यात्रियों की सुरक्षा पुष्टि हो चुकी है। टूटे नेटवर्क के बीच राहत अभियान जारी है और हेल्पलाइन 1070 चौबीसों घंटे सक्रिय है।

मुख्य बातें

नेपाल-तिब्बत में भीषण बाढ़, भूस्खलन और भूकंप के बाद महाराष्ट्र के लगभग 80 पर्यटकों का विवरण प्रशासन ने एकत्र किया है।
रिचर्ड टूर्स एंड ट्रेवल्स के एक वाहन के 37 यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि हो चुकी है; शेष की तलाश जारी।
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा — केंद्र सरकार से लगातार संपर्क और राहत तंत्र 24/7 सक्रिय।
क्षतिग्रस्त मोबाइल नेटवर्क और ठप लैंडलाइन के कारण प्रभावित क्षेत्रों से संचार बाधित।
सभी जिला कलेक्टरों को नेपाल-तिब्बत गए निवासियों की सूची तैयार करने के निर्देश।
हेल्पलाइन: टोल-फ्री 1070 , सीधी लाइन +91-9321587143 ; ईमेल: controlroom@maharashtra.gov.in ।

नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में आई भीषण बाढ़, भूस्खलन और भूकंप के बाद महाराष्ट्र सरकार ने प्रभावित इलाकों में फंसे राज्य के पर्यटकों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान छेड़ दिया है। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने 27 अगस्त को पुष्टि की कि राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार के साथ निरंतर संपर्क में हैं और राहत तंत्र चौबीसों घंटे सक्रिय है।

अब तक क्या पता चला

महाजन के अनुसार, अधिकारियों ने अब तक चार पर्यटकों से सीधे संपर्क स्थापित कर उनकी सुरक्षा की पुष्टि की है। प्रशासन ने कुल लगभग 80 लोगों का विवरण एकत्र किया है जो इस क्षेत्र में गए थे। रिचर्ड टूर्स एंड ट्रेवल्स द्वारा आयोजित दो वाहनों में मानसरोवर यात्रा पर गए पर्यटकों में से एक वाहन के लगभग 37 यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि हो चुकी है। भूस्खलन के कारण परिवहन मार्ग बुरी तरह बाधित होने से शेष यात्रियों का पता लगाना अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

संचार में बड़ी रुकावट

क्षतिग्रस्त मोबाइल नेटवर्क और ठप पड़ी लैंडलाइन सेवाओं के कारण प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क बेहद मुश्किल हो गया है। यह ऐसे समय में आया है जब सैकड़ों भारतीय तीर्थयात्री और पर्यटक मानसरोवर-कैलाश मार्ग पर थे। गौरतलब है कि यह क्षेत्र मानसून के दौरान भूस्खलन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश

महाजन ने महाराष्ट्र के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे हाल ही में नेपाल-तिब्बत क्षेत्र की यात्रा पर गए अपने-अपने जिले के निवासियों की सूची तत्काल तैयार करें। उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे घबराएं नहीं — केंद्र और राज्य दोनों एजेंसियाँ महाराष्ट्र के हर यात्री का पता लगाने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही हैं।

हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल

महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सूचना संग्रह और तत्काल राहत के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल और 24/7 हेल्पलाइन शुरू की है। सरकार द्वारा जारी संपर्क विवरण इस प्रकार हैं: राज्य नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर 1070, नियंत्रण कक्ष की सीधी लाइन +91-9321587143, और आधिकारिक ईमेल controlroom@maharashtra.gov.in। फंसे हुए पर्यटकों के परिजनों से अनुरोध किया गया है कि वे आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें या नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करें।

आगे क्या

राज्य सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि फंसे हुए व्यक्तियों के बारे में उपलब्ध कोई भी जानकारी साझा करें। शेष यात्रियों का पता लगाने का अभियान जारी है और जैसे-जैसे संचार सेवाएँ बहाल होंगी, स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मानसरोवर जैसे संवेदनशील और दूरस्थ मार्गों पर जाने वाले पर्यटकों के लिए पूर्व-पंजीकरण और रियल-टाइम ट्रैकिंग की कोई मज़बूत व्यवस्था क्यों नहीं है। हर मानसून में इस क्षेत्र से ऐसी खबरें आती हैं, फिर भी तंत्र हर बार 'संपर्क स्थापित करने' की कोशिश से ही शुरू होता है। टूर ऑपरेटरों पर यात्री-सूची अनिवार्य रूप से जमा कराने की बाध्यता और राज्य-स्तरीय रियल-टाइम डेटाबेस की अनुपस्थिति इस संकट को और गहरा बनाती है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के कितने पर्यटक हैं?
प्रशासन ने अब तक लगभग 80 लोगों का विवरण एकत्र किया है जो नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में गए थे। इनमें से एक वाहन के करीब 37 यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि हो चुकी है, जबकि शेष का पता लगाने का अभियान जारी है।
महाराष्ट्र सरकार की हेल्पलाइन नंबर क्या है?
राज्य नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर 1070 है और सीधी लाइन +91-9321587143 है। आधिकारिक ईमेल controlroom@maharashtra.gov.in है। ये सेवाएँ 24 घंटे, 7 दिन उपलब्ध हैं।
मानसरोवर यात्रियों से संपर्क क्यों नहीं हो पा रहा?
नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मोबाइल नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गया है और लैंडलाइन सेवाएँ भी ठप हैं। इससे प्रभावित इलाकों से संचार बुरी तरह बाधित है।
गिरीश महाजन ने परिवारों को क्या आश्वासन दिया?
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने परिवारों से घबराने की अपील नहीं करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य दोनों एजेंसियाँ महाराष्ट्र के हर यात्री का पता लगाने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही हैं।
जिला कलेक्टरों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
महाराष्ट्र के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे हाल ही में नेपाल-तिब्बत क्षेत्र की यात्रा पर गए अपने जिले के निवासियों की सूची तत्काल तैयार करें, ताकि राहत अभियान को व्यवस्थित किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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