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नेपाल बाढ़ में 359 मौतें, 300 भारतीय लापता; PM बालेन शाह ने संभाला मोर्चा: विदेश मंत्री खनल

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नेपाल बाढ़ में 359 मौतें, 300 भारतीय लापता; PM बालेन शाह ने संभाला मोर्चा: विदेश मंत्री खनल

सारांश

नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने 359 जानें ली हैं और करीब 300 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्री लापता हैं। PM बालेन शाह अगले ही दिन राहत कार्यों की निगरानी के लिए नुकवाकोट पहुँचे। विदेश मंत्री खनल ने भारत की त्वरित सहायता के लिए आभार जताया।

मुख्य बातें

नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से गुरुवार शाम 5 बजे तक 359 लोगों की मौत , 8 जिले प्रभावित।
करीब 300 भारतीय नागरिक लापता, अधिकांश कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु।
PM बालेन शाह बाढ़ के अगले दिन नुकवाकोट पहुँचे, राहत कार्यों का जायजा लिया।
विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारत की त्वरित राहत सहायता के लिए नई दिल्ली का आभार जताया।
नेपाल सरकार लापता विदेशी नागरिकों को लेकर संबंधित देशों के दूतावासों से लगातार संपर्क में।

नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे जिलों में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने 27 अगस्त 2026 तक 359 लोगों की जान ले ली है, जबकि करीब 300 भारतीय नागरिक — जिनमें अधिकांश कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु हैं — अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने इस आपदा को हाल के वर्षों में देश की सबसे भीषण प्राकृतिक त्रासदियों में से एक करार दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार को आई इस विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित आठ जिलों से गुरुवार शाम 5 बजे तक 359 शव बरामद किए जा चुके थे। तिब्बत सीमा से लगे तीन जिले सर्वाधिक प्रभावित रहे। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र 'बालेन' शाह बाढ़ के अगले ही दिन नुकवाकोट पहुँचे और राहत कार्यों का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

300 भारतीय लापता, दूतावासों से संपर्क

विदेश मंत्री खनल ने काठमांडू में एनडीटीवी अन्वीक्षा समिट में जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र से होकर मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले करीब 300 भारतीय नागरिक लापता हैं। उन्होंने कहा, "विदेशी नागरिक, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, प्रभावित क्षेत्र से होकर मानसरोवर यात्रा के लिए जाते हैं। करीब 300 भारतीयों के लापता होने की सूचना मिली है और सरकार उनसे संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है।" नेपाल सरकार संबंधित देशों के दूतावासों के साथ लगातार संपर्क में है।

भारत की राहत सहायता, नई दिल्ली का आभार

खनल ने संकट की इस घड़ी में भारत द्वारा भेजी जा रही त्वरित राहत सहायता के लिए नई दिल्ली का आभार व्यक्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल-भारत सीमावर्ती क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन सहयोग एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। गौरतलब है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग इसी सीमावर्ती क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिससे भारतीय नागरिकों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक प्रभावित हुई।

PM शाह की कार्यशैली पर विदेश मंत्री का बयान

खनल ने प्रधानमंत्री शाह की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि वे परिणाम-केंद्रित शासन पर जोर देते हैं। उनके शब्दों में, "वह नतीजे चाहते हैं और बहुत तेजी से चाहते हैं। उनका पूरा ध्यान काम के परिणाम पर रहता है। शासन की बात आती है तो वह चाहते हैं कि नेपाली लोगों को बिना परेशानी के सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध हों।" खनल के अनुसार, शाह माइक्रोमैनेजमेंट से बचते हैं — जिम्मेदारी सौंपते हैं और कैबिनेट मंत्रियों से परिणाम की अपेक्षा रखते हैं।

आगे क्या

मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका है क्योंकि कई दूरदराज के इलाके अभी भी राहत दलों की पहुँच से बाहर हैं। लापता भारतीय नागरिकों की खोज अभियान जारी है। नेपाल सरकार और भारतीय दूतावास मिलकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के परिजन देश भर में अपनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग और भारत-नेपाल संबंधों के चौराहे पर खड़ी है। 300 भारतीय नागरिकों का लापता होना एक कूटनीतिक परीक्षा भी है — और भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति की असली कसौटी भी। विदेश मंत्री खनल का PM शाह की कार्यशैली की सराहना करना राजनीतिक एकजुटता दिखाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि राहत तंत्र दूरदराज के प्रभावित इलाकों तक कितनी तेजी से पहुँच पाता है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल फ्लैश फ्लड में कितने लोगों की मौत हुई?
गुरुवार शाम 5 बजे तक आठ जिलों से 359 शव बरामद किए जा चुके थे। मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका है क्योंकि कई दूरदराज के क्षेत्र अभी भी राहत दलों की पहुँच से बाहर हैं।
कितने भारतीय नागरिक नेपाल बाढ़ में लापता हैं?
विदेश मंत्री शिशिर खनल के अनुसार करीब 300 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की है। नेपाल सरकार भारतीय दूतावास के साथ संपर्क में है।
PM बालेन शाह ने बाढ़ के बाद क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री बालेन्द्र 'बालेन' शाह बाढ़ के अगले ही दिन नुकवाकोट पहुँचे और राहत कार्यों का प्रत्यक्ष जायजा लिया। विदेश मंत्री खनल ने बताया कि शाह परिणाम-केंद्रित नेतृत्व शैली अपनाते हैं और आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
भारत ने नेपाल बाढ़ में क्या सहायता दी?
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने बताया कि भारत ने संकट की घड़ी में त्वरित राहत सहायता भेजी है और उन्होंने नई दिल्ली का आभार व्यक्त किया। सहायता का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा और नेपाल बाढ़ का क्या संबंध है?
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग तिब्बत सीमा से लगे उन्हीं जिलों से होकर गुजरता है जो इस बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। इसी कारण भारतीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या इस आपदा की चपेट में आई और करीब 300 भारतीय नागरिक लापता हैं।
राष्ट्र प्रेस
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