नेपाल बाढ़: राहुल गांधी ने जताई संवेदना, 105 भारतीय नागरिकों सहित 384 लापता
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए लापता भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से 384 यात्री लापता हो गए हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से मैं बहुत चिंतित हूँ, जिसमें भारतीय तीर्थयात्रियों सहित सैकड़ों लोग लापता हो गए हैं।' उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएँ जताईं और कहा कि उनकी सहानुभूति उन परिवारों के साथ है जो अपने प्रियजनों की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह नेपाली अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में लापता भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करे। उन्होंने कहा, 'मैं नेपाल के लोगों और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा हूँ।'
PM मोदी ने नेपाली PM से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर फ्लैश फ्लड से हुई तबाही पर दुख जताया। मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।'
बाढ़ का मुख्य घटनाक्रम
बुधवार तड़के नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और बाढ़ ने किनारों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल पर्यटन विभाग के अनुसार, कुल 384 यात्री लापता हो गए, जिनमें से 291 विदेशी नागरिक हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय शामिल हैं — विभिन्न पर्यटन एजेंसियों के हवाले से जारी आँकड़ों में एक समूह में 59 और दूसरे में 46 भारतीयों का उल्लेख है।
भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन और एडवाइजरी
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों की जानकारी के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +977-9851316807 और +977-9709107500 जारी किए हैं। काठमांडू घाटी की ट्रैफिक पुलिस ने एहतियात के तौर पर काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जाने वाले वाहनों को रोक दिया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे तब तक आपदाग्रस्त इलाकों की ओर न बढ़ें जब तक कि आधिकारिक पुष्टि न हो जाए कि सड़क की स्थिति सुरक्षित है। बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश के प्रयास अभी भी चल रहे हैं।