27 अगस्त 2026
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भागलपुर नाव हादसा: गंगा में पलटी नाव, 19 मजदूर बचाए गए, सिकंदर-बादल मंडल अभी भी लापता

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भागलपुर नाव हादसा: गंगा में पलटी नाव, 19 मजदूर बचाए गए, सिकंदर-बादल मंडल अभी भी लापता

सारांश

भागलपुर के राघोपुर ब्लॉक में गंगा किनारे कटाव-रोधी काम के दौरान 21 मजदूरों की नाव पलट गई। SDRF ने 19 को बचाया, लेकिन सिकंदर और बादल मंडल अभी भी लापता हैं। डीएम ने ठेकेदारों पर FIR और नावों के उपयोग पर प्रतिबंध के आदेश दिए।

मुख्य बातें

26 अगस्त 2026 को भागलपुर के राघोपुर ब्लॉक में गंगा नदी पर कटाव-रोधी कार्य के दौरान 21 मजदूरों की नाव पलटी।
SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने 19 लोगों को सुरक्षित बचाया; सिकंदर मंडल और बादल मंडल अभी भी लापता।
जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे ने ठेकेदार राजकुमार सिंह और संबंधित वेंडरों के विरुद्ध मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
बाढ़ नियंत्रण कार्यों में नावों के उपयोग पर प्रतिबंध; अब जियो-बैग ढोने के लिए ट्रैक्टर इस्तेमाल होंगे।
18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को खतरनाक कार्य में लगाने पर रोक।
गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है।

भागलपुर जिले के नौगछिया सब-डिविजन के राघोपुर ब्लॉक में 26 अगस्त 2026 को गंगा नदी के किनारे कटाव-रोधी कार्य के दौरान 21 मजदूरों को ले जा रही एक नाव पलट गई। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों ने 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि सिकंदर मंडल और बादल मंडल अभी भी लापता हैं और खोज अभियान जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

नाव पर सवार मजदूर घोघा, इस्माइलपुर और परबत्ता क्षेत्रों से थे और जल संसाधन विभाग के कटाव-रोधी कार्य में लगे हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और मोटरबोट व लाइफ जैकेट से लैस SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने भी बचाव दल का साथ दिया।

जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे ने स्वयं दुर्घटना स्थल का दौरा किया और बचाव तथा बाढ़ नियंत्रण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पुष्टि की कि 19 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और ठेकेदारों पर कार्रवाई

प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के कारण यह दुर्घटना हुई। डीएम पांडे ने बताया कि पहले ही निर्देश दिए जा चुके थे कि नावों पर काम करने वाले सभी मजदूरों को लाइफ जैकेट दी जाएं और वे उन्हें पहनें, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ।

इस चूक को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जल संसाधन विभाग को संबंधित ठेकेदारों और वेंडरों के विरुद्ध मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह कार्य ठेकेदार राजकुमार सिंह की देखरेख में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत हो रहा था।

आम जनता और मजदूरों पर असर

प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बाढ़ नियंत्रण कार्यों के दौरान सामान ढोने के लिए नावों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब कटाव प्रभावित स्थानों पर जियो-बैग पहुँचाने के लिए ट्रैक्टरों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को इस खतरनाक कार्य में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।

गौरतलब है कि राघोपुर, बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार (उर्फ बुलो मंडल) का पैतृक गाँव है, जिससे इस घटना को राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश

सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ नियंत्रण और कटाव रोधी कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इंजीनियरों को कटाव रोकने के कार्य में तेजी लाने के लिए कहा गया है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है।

क्या होगा आगे

लापता सिकंदर मंडल और बादल मंडल की तलाश में खोज अभियान जारी है। जल संसाधन विभाग द्वारा ठेकेदार राजकुमार सिंह और संबंधित वेंडरों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह घटना बिहार में बाढ़ और कटाव-रोधी कार्यों में लगे मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार में सरकारी ठेकों पर काम करने वाले असंगठित मजदूरों की सुरक्षा के प्रति व्यवस्थागत लापरवाही का प्रतिबिंब है। लाइफ जैकेट के निर्देश पहले से थे, फिर भी उनका पालन नहीं हुआ — यह संकेत देता है कि निगरानी तंत्र कागज पर ही सीमित रहा। ठेकेदारों पर FIR का आदेश सही दिशा में कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि जल संसाधन विभाग की फील्ड-स्तरीय जवाबदेही कहाँ थी। बाढ़ और कटाव के मौसम में ऐसे हादसे हर साल दोहराए जाते हैं — जब तक ठेकेदारों की जिम्मेदारी अनुबंध में स्पष्ट रूप से नहीं जोड़ी जाती, प्रशासनिक आदेश केवल प्रतिक्रियात्मक बने रहेंगे।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागलपुर नाव हादसा क्या है और कब हुआ?
26 अगस्त 2026 को बिहार के भागलपुर जिले के राघोपुर ब्लॉक में गंगा नदी किनारे कटाव-रोधी कार्य के दौरान 21 मजदूरों को ले जा रही एक नाव पलट गई। SDRF ने 19 लोगों को बचाया, जबकि सिकंदर मंडल और बादल मंडल अभी भी लापता हैं।
लापता मजदूरों की तलाश कैसे हो रही है?
SDRF की टीम मोटरबोट और लाइफ जैकेट के साथ खोज अभियान चला रही है। स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण भी अधिकारियों की मदद कर रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे के अनुसार खोज अभियान जारी है।
ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई की जा रही है?
डीएम अलंकृता पांडे ने जल संसाधन विभाग को ठेकेदार राजकुमार सिंह और संबंधित वेंडरों के विरुद्ध मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि लाइफ जैकेट के पूर्व-निर्देशों का पालन न होने के कारण यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद प्रशासन ने क्या नए नियम लागू किए हैं?
बाढ़ नियंत्रण और कटाव-रोधी कार्यों में सामान ढोने के लिए नावों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब जियो-बैग पहुँचाने के लिए ट्रैक्टरों का उपयोग होगा और 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को इन कार्यों में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।
राघोपुर क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
राघोपुर बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार (उर्फ बुलो मंडल) का पैतृक गाँव है। इस कारण यह हादसा स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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