भागलपुर नाव हादसा: गंगा में पलटी नाव, 19 मजदूर बचाए गए, सिकंदर-बादल मंडल अभी भी लापता
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर जिले के नौगछिया सब-डिविजन के राघोपुर ब्लॉक में 26 अगस्त 2026 को गंगा नदी के किनारे कटाव-रोधी कार्य के दौरान 21 मजदूरों को ले जा रही एक नाव पलट गई। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों ने 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि सिकंदर मंडल और बादल मंडल अभी भी लापता हैं और खोज अभियान जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
नाव पर सवार मजदूर घोघा, इस्माइलपुर और परबत्ता क्षेत्रों से थे और जल संसाधन विभाग के कटाव-रोधी कार्य में लगे हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और मोटरबोट व लाइफ जैकेट से लैस SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने भी बचाव दल का साथ दिया।
जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे ने स्वयं दुर्घटना स्थल का दौरा किया और बचाव तथा बाढ़ नियंत्रण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पुष्टि की कि 19 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और ठेकेदारों पर कार्रवाई
प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के कारण यह दुर्घटना हुई। डीएम पांडे ने बताया कि पहले ही निर्देश दिए जा चुके थे कि नावों पर काम करने वाले सभी मजदूरों को लाइफ जैकेट दी जाएं और वे उन्हें पहनें, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ।
इस चूक को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जल संसाधन विभाग को संबंधित ठेकेदारों और वेंडरों के विरुद्ध मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह कार्य ठेकेदार राजकुमार सिंह की देखरेख में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत हो रहा था।
आम जनता और मजदूरों पर असर
प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बाढ़ नियंत्रण कार्यों के दौरान सामान ढोने के लिए नावों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब कटाव प्रभावित स्थानों पर जियो-बैग पहुँचाने के लिए ट्रैक्टरों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को इस खतरनाक कार्य में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।
गौरतलब है कि राघोपुर, बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार (उर्फ बुलो मंडल) का पैतृक गाँव है, जिससे इस घटना को राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश
सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ नियंत्रण और कटाव रोधी कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इंजीनियरों को कटाव रोकने के कार्य में तेजी लाने के लिए कहा गया है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है।
क्या होगा आगे
लापता सिकंदर मंडल और बादल मंडल की तलाश में खोज अभियान जारी है। जल संसाधन विभाग द्वारा ठेकेदार राजकुमार सिंह और संबंधित वेंडरों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह घटना बिहार में बाढ़ और कटाव-रोधी कार्यों में लगे मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।