बलिया में गंगा स्नान के दौरान 4 लापता, CM योगी आदित्यनाथ ने राहत कार्य के दिए निर्देश
सारांश
Key Takeaways
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के श्रीरामपुर घाट पर रविवार, 3 मई को गंगा नदी में स्नान के दौरान 6 लोग अचानक गहरे पानी में चले गए, जिनमें से 2 को नाविकों ने बचा लिया जबकि 4 अभी भी लापता हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत एवं खोज कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र के श्रीरामपुर घाट पर कुछ परिवार मुंडन संस्कार के लिए एकत्रित हुए थे। गंगा नदी में स्नान के दौरान एक युवक का पैर फिसल गया और वह डूबने लगा। उसे बचाने की कोशिश में तीन अन्य लोग भी पानी में समा गए। इस तरह कुल 6 युवक-युवतियाँ गहरे पानी में चले गए, जिससे घाट पर अफरातफरी मच गई।
बचाव अभियान की स्थिति
स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया और गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया गया। इससे पहले ही कुछ नाविकों ने नदी में डूब रहे एक युवक और एक युवती को सुरक्षित निकाल लिया। हालाँकि, शेष 4 लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस मछुआरों और गोताखोरों की सहायता से लापता लोगों की तलाश जारी रखे हुए है।
सीएम योगी की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीरामपुर घाट पर हुई इस दुर्घटना का संज्ञान लिया है। सीएम कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत कार्य में तेज़ी लाने तथा लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूँढने के स्पष्ट निर्देश दिए।
व्यापक संदर्भ: हाल की जल-दुर्घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी बाँध जलाशय में 30 अप्रैल को हुई एक दुर्घटना में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में तेज़ हवाओं के कारण एक क्रूज़ जलाशय में पलट गया था और उसमें सवार लोग पानी में डूब गए थे। गौरतलब है कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान नदी घाटों पर सुरक्षा इंतज़ामों की पर्याप्तता पर सवाल बार-बार उठते रहे हैं।
आगे क्या
फिलहाल खोज अभियान जारी है और प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। लापता लोगों की पहचान और उनके परिजनों की स्थिति के बारे में अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी आनी बाकी है। आने वाले घंटों में खोज अभियान के परिणाम स्पष्ट होने की उम्मीद है।