26 जून 2026
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फलता में 21 मई को दोबारा मतदान: BJP नेताओं ने बताया संवैधानिक न्याय, चुनाव आयोग के फैसले का किया समर्थन

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फलता में 21 मई को दोबारा मतदान: BJP नेताओं ने बताया संवैधानिक न्याय, चुनाव आयोग के फैसले का किया समर्थन

सारांश

पश्चिम बंगाल के फलता में 21 मई को दोबारा मतदान की घोषणा के बाद सियासत गरमाई। यूपी मंत्री संजय निषाद ने इसे संवैधानिक न्याय बताया, जबकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भाजपा की जीत का भरोसा जताया। चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षक भी तैनात किए हैं।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को सभी बूथों पर पुनर्मतदान की घोषणा की।
यूपी मंत्री संजय निषाद ने फैसले को संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया बताया, लोकतंत्र की निष्पक्षता पर जोर दिया।
मतगणना के लिए 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती चुनाव आयोग ने की।
मंत्री अनिल राजभर ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर महिला सशक्तीकरण विरोधी सोच का आरोप लगाया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दावा किया कि भाजपा फलता में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को सभी बूथों पर दोबारा मतदान कराने के चुनाव आयोग के फैसले को पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया करार दिया है। 3 मई को लखनऊ में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतंत्र की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इस घोषणा के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं और भाजपा नेताओं ने आयोग के निर्णय का खुलकर समर्थन किया है।

मुख्य घटनाक्रम

चुनाव आयोग ने फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर 21 मई को पुनर्मतदान की घोषणा की, जिसे चुनाव प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं के आधार पर उचित ठहराया गया। इसके साथ ही आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतगणना के लिए 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती का भी निर्णय लिया है। गौरतलब है कि यह तैनाती चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री संजय निषाद ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'संवैधानिक न्याय' की भाषा स्वाभाविक रूप से सामने आती है। असली सवाल यह है कि 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती की ज़रूरत क्यों पड़ी — यह चुनाव आयोग की सतर्कता का प्रमाण है या पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रबंधन की गहरी चुनौतियों का संकेत? राहुल गांधी के बयान पर यूपी मंत्रियों की तीखी प्रतिक्रिया यह भी दर्शाती है कि फलता का मुद्दा अब बंगाल की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फलता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान क्यों हो रहा है?
चुनाव आयोग ने फलता विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं सामने आने के बाद 21 मई को सभी बूथों पर पुनर्मतदान की घोषणा की। आयोग का यह फैसला लोकतंत्र की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
संजय निषाद ने फलता पुनर्मतदान पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने इस फैसले को पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का स्पष्ट प्रावधान है और अनियमितता की स्थिति में पुनर्मतदान अनिवार्य हो जाता है।
पश्चिम बंगाल में मतगणना के लिए कितने अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं?
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतगणना की निगरानी के लिए 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। यह कदम चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
ब्रजेश पाठक ने फलता पुनर्मतदान पर क्या दावा किया?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विश्वास जताया कि भाजपा फलता में मजबूत स्थिति में है और प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज करेगी। उनका यह बयान पार्टी के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
अनिल राजभर ने राहुल गांधी के बयान पर क्या कहा?
मंत्री अनिल राजभर ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर महिला सशक्तीकरण विरोधी सोच रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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