पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, बोले — दमनकारी सरकारों के खिलाफ अंबेडकर का संविधान है असली ढाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सर्वोच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिलने के बाद 3 मई 2026 को नई दिल्ली पहुँचने पर समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। यह जमानत असम पुलिस द्वारा दर्ज उस एफआईआर के संदर्भ में दी गई, जो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की शिकायत पर दर्ज हुई थी। खेड़ा ने इस राहत का श्रेय डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
शिकायत में पवन खेड़ा पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने रिंकी भुइयां सरमा के पास एकाधिक पासपोर्ट होने का दावा किया था। इसी आधार पर असम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। खेड़ा ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था, और न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान की।
खेड़ा के बयान — संविधान को बताया संकटमोचक
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा,