दिल्ली में ट्रैफिक चालान नई व्यवस्था: CM रेखा गुप्ता ने बताए 45 दिन में निपटारे के नियम
सारांश
Key Takeaways
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3 मई 2026 को घोषणा की कि राजधानी में ट्रैफिक चालान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, समयबद्ध और जवाबदेह बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत चालान मिलने के बाद नागरिकों के पास 45 दिन का समय होगा — इस अवधि में या तो भुगतान करना होगा या पोर्टल पर चुनौती देनी होगी। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में किए गए संशोधनों को दिल्ली सरकार जल्द लागू करने जा रही है।
नई व्यवस्था में क्या बदला
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अब चालान जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह आधुनिक होगी। पुलिस अधिकारी या अधिकृत अधिकारी चालान को फिजिकल या इलेक्ट्रॉनिक दोनों रूपों में जारी कर सकेंगे। इसके अलावा, कैमरों और डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से चालान स्वतः भी जनरेट किए जा सकेंगे।
जिनका चालान कटा है और विभाग के पास उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध है, उन्हें ऑनलाइन चालान 3 दिनों के भीतर और फिजिकल नोटिस 15 दिनों के भीतर पहुँचाया जाएगा। सभी चालानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर क्रमवार दर्ज किया जाएगा।
45 दिन की समयसीमा और विकल्प
चालान मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति के पास 45 दिन का समय होगा। इस अवधि में वह या तो चालान का भुगतान कर सकता है, या पोर्टल पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ शिकायत निवारण अधिकारी के सामने उसे चुनौती दे सकता है। यह भी उल्लेखनीय है कि नए नियमों के अनुसार चालान को चुनौती देने के लिए सीधे न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटाया जा सकेगा।
यदि 45 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा और अगले 30 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा। यदि शिकायत निवारण अधिकारी द्वारा चुनौती खारिज कर दी जाती है, तो व्यक्ति के पास दो विकल्प होंगे — या तो 30 दिनों के भीतर चालान भर दे, या चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा कर न्यायालय में मामला ले जाए।
बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस खतरे में
संशोधित नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक वर्ष में 5 या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे गंभीर श्रेणी में माना जाएगा। यह उसके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या अयोग्यता का आधार बन सकता है। गौरतलब है कि यह प्रावधान बार-बार नियम तोड़ने वालों पर विशेष रूप से लागू होगा।
भुगतान न करने पर क्या होगा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समयसीमा पार होने के बाद हर दिन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नोटिस भेजे जाएंगे। यदि चालान का भुगतान नहीं किया जाता, तो संबंधित व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से जुड़े सभी कार्य रोक दिए जाएंगे। वाहन को पोर्टल पर 'नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड' के रूप में चिन्हित कर दिया जाएगा, जिससे वह किसी भी प्रकार की सरकारी प्रक्रिया में उपयोग नहीं हो सकेगा।
आवश्यक होने पर न्यायालय के आदेश के अधीन पुलिस या अधिकृत अधिकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन को जब्त भी कर सकते हैं। सभी चालान वाहन के रजिस्टर्ड मालिक के नाम पर जारी किए जाएंगे और SMS, ईमेल या अन्य माध्यमों से सूचना दी जाएगी।
नागरिकों के लिए ज़रूरी सलाह
विभाग ने सभी वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे अपने ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी पर मोबाइल नंबर और घर का पता अद्यतन करवा लें, अन्यथा नोटिस न मिलने की स्थिति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें, समय पर चालान का निपटारा करें और सुरक्षित व जिम्मेदार नागरिक बनें। यह नई प्रणाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।