महाराष्ट्र एफडीए का बड़ा अभियान: ₹4 करोड़ से अधिक का मिलावटी दूध, तेल, गुटखा जब्त; 11 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 7 से 9 अगस्त 2026 के बीच राज्यभर में खाद्य सुरक्षा का व्यापक अभियान चलाया, जिसमें दूध-दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, पैकेज्ड पेयजल, मिठाइयाँ और प्रतिबंधित गुटखा-पान मसाला समेत करोड़ों रुपए का माल जब्त किया गया। इस दौरान 8 एफआईआर दर्ज की गईं, 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
एफडीए के अनुसार, अभियान के दौरान 14,378 किलो/लीटर दूध एवं दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1.32 करोड़ है। इसके अतिरिक्त विभिन्न खाद्य उत्पादों का 18,455.54 किलो स्टॉक — जिसका मूल्य करीब ₹28.80 लाख है — भी जब्त किया गया। राज्यभर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों सहित 90 प्रतिष्ठानों की जाँच की गई, जिनमें से 8 को सुधार नोटिस जारी हुए और 1 का लाइसेंस निलंबित किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य मिलावट और अस्वास्थ्यकर भंडारण को लेकर महाराष्ट्र में उपभोक्ता शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि एफडीए ने इस वर्ष अब तक कई बड़े अभियान चलाए हैं, और यह उनमें सबसे व्यापक माना जा रहा है।
बीड में खाद्य तेल पर सबसे बड़ी कार्रवाई
बीड जिले में 6 और 7 अगस्त को पाँच प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 1,19,187.5 किलो खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब ₹1.94 करोड़ बताई गई है। सभी संबंधित प्रतिष्ठानों के एफएसएसएआई लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिए गए और कुल 27 नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए। स्वागत ऑयल इंडस्ट्रीज से 66,652.6 किलो और चरखा ऑयल मिल से 45,995.7 किलो तेल जब्त किया गया। जाँच में पुनः उपयोग किए गए टिन, लेबलिंग में गड़बड़ियाँ, सफाई की कमी और ज़रूरी रिकॉर्ड अनुपलब्ध होने जैसी खामियाँ सामने आईं।
मुंबई में ब्लिंक कॉमर्स का लाइसेंस निलंबित
मुंबई के मलाड पश्चिम स्थित ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में एफडीए को गंभीर अनियमितताएँ मिलीं — भारी गंदगी, कॉकरोच का प्रकोप, जंग लगे रैक, खराब कोल्ड स्टोरेज, एक्सपायर्ड और छेड़छाड़ किए गए पैकेज्ड खाद्य पदार्थ। कर्मचारियों की स्वास्थ्य जाँच और कीट नियंत्रण के नियमों का पालन भी असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद कंपनी का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
बुलढाणा जिले में मलकापुर रोड स्थित रिलायंस रिटेल के एआरडी सिनेमॉल में बिक रही 'लक्ष्मी नारायण' ब्रांड की काजू कतली में फफूंद और जीवित कीड़े मिलने की शिकायत के बाद एफडीए ने जाँच की। शिकायत वाला बैच तो नहीं मिला, किंतु उसी उत्पाद के दूसरे बैच के 54 बॉक्स (11.340 किलो), जिनकी कीमत ₹10,238 थी, जब्त कर नमूने प्रयोगशाला भेजे गए।
अन्य ज़िलों में कार्रवाई
जलगाँव स्थित अनिता इंडस्ट्रीज से 87,320 लीटर पैकेज्ड पेयजल जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग ₹8.73 लाख आँकी गई। नागपुर के बुटीबोरी स्थित अजित डिलाइट प्राइवेट लिमिटेड में रस्क के पैकेट पर कृत्रिम स्वीटनर का उल्लेख था, लेकिन अनिवार्य चेतावनी नहीं थी — एफडीए ने 9,827 किलो रस्क (कीमत करीब ₹14.13 लाख) जब्त किया। कोल्हापुर के वरद जैगरी में गुड़ निर्माण प्रक्रिया में स्वच्छता की कमी और व्हाइट क्रिस्टल शुगर के उपयोग की आशंका पर 950 किलो माल (₹42,750) जब्त किया गया।
प्रतिबंधित गुटखा पर विशेष अभियान और आगे की राह
प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में 10 प्रतिष्ठानों की जाँच की गई। एफडीए ने 8 एफआईआर दर्ज कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया और ₹63,206.50 मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त किया। कोकण, पुणे, नाशिक और नागपुर क्षेत्रों में 7 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि राज्य में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मिलावटी या प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण व बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रयोगशाला रिपोर्टें आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों पर और कार्रवाई की संभावना है।