BJP का पलटवार: संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत, देश कानून के शासन से चलता है
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रणबीर सिंह पठानिया और डॉ. सुनील भारद्वाज ने 24 सितंबर 2026 को जम्मू में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिनमें उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। दोनों BJP नेताओं ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और मतदाताओं में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग विवाद पर BJP का रुख
रणबीर सिंह पठानिया ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की यह आदत बन गई है कि वे संस्थाओं की अवमानना करें और जनता में भ्रम फैलाएँ। उन्होंने कहा कि जिस मामले को शुरुआत में बड़ा विवाद बनाकर पेश किया गया, उस पर चुनाव आयोग ने स्वयं स्पष्टीकरण दिया और बताया कि सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
पठानिया ने कहा, 'यदि तीनों आयुक्तों के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद होते हैं, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा है। इसे बड़ा विवाद बनाकर पेश करना न तो तथ्यसम्मत है और न ही उचित।'
धांधली के आरोपों पर BJP की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की ओर से चुनाव में धांधली और वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पठानिया ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार सिकुड़ता जा रहा है और पार्टी चुनावी हार स्वीकार करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि इसी निराशा के कारण कांग्रेस इस तरह के निराधार बयान देती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और राहुल गांधी के 'पर्याप्त सबूत' होने के दावे पर पठानिया ने कहा, 'भारत कानून के शासन पर आधारित लोकतंत्र है। चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय, CAG, CBI और ED जैसी संस्थाओं को बेवजह बदनाम करना लोकतंत्र की जड़ों को कमज़ोर करना है। यदि किसी के पास सबूत हैं तो उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित मंच पर रखना चाहिए।'
डॉ. भारद्वाज का हमला — बोफोर्स से 2जी तक
डॉ. सुनील भारद्वाज ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी बोफोर्स, 2जी स्पेक्ट्रम और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे घोटालों से जुड़ी रही है, उसे दूसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने से पहले अपना इतिहास देखना चाहिए।
भारद्वाज ने आगे कहा कि जिम्मेदार नेताओं को बयान देते समय तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया का ध्यान रखना अनिवार्य है। 'केवल बयान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता — कानून के अनुसार ही कार्रवाई होनी चाहिए,' उन्होंने कहा।
POK पर भारत का दावा दोहराया
यूएनएचआरसी में भारत द्वारा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POK) को खाली करने की माँग दोहराए जाने के संदर्भ में पठानिया ने कहा कि POK भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने महाराजा हरि सिंह के भारत के साथ विलय-पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने इस क्षेत्र पर अवैध कब्ज़ा किया हुआ है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि संसद का सर्वसम्मत प्रस्ताव POK को भारत का अटूट हिस्सा मानता है।
डॉ. भारद्वाज ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि भारत भविष्य में भी POK पर अपना दावा और प्रयास जारी रखेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर प्रश्न एक बार फिर केंद्र में आ गया है।