ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, वोट चोरी पर इंडिया गठबंधन एकजुट: राकेश सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने 29 सितंबर 2026 को रांची में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर पूरा विपक्ष तथा इंडिया गठबंधन एकजुट है और आगामी बैठक में इस पर ठोस रणनीति तय की जाएगी।
वोट चोरी और मतदाता सूची विवाद
राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में एक ही जनपद और जिले के स्तर पर 727 लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया कि ये नाम किसने और किसके आदेश पर हटाए, और यदि संबंधित मतदाता उस क्षेत्र में मौजूद था तो आयोग की व्यवस्था ने उसे रोका क्यों नहीं। उनका कहना था कि महज प्रेस विज्ञप्ति जारी करने या तारीख बढ़ाने से इन गंभीर सवालों का जवाब नहीं दिया जा सकता।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस मामले में जनता के सामने जवाब देना होगा। वरिष्ठ विधि विशेषज्ञ कपिल सिब्बल द्वारा चुनाव आयोग के रवैये पर उठाए गए सवालों का संदर्भ देते हुए सिन्हा ने बताया कि दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया और 14 आपत्तियों को दरकिनार कर फैसले लिए गए। उन्होंने न्यायपालिका से भी इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की।
रेवंत रेड्डी और अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भगवान राम और शिव को द्रविड़-आर्य संदर्भ से जोड़े जाने पर सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में राम और शिव एक-दूसरे के पूरक हैं। उनके अनुसार, देश की धार्मिक विविधता इसी में है कि अलग-अलग क्षेत्रों के अपने-अपने आराध्य हैं — कहीं विष्णु-कृष्ण, कहीं मां दुर्गा-काली और कहीं गणपति। झारखंड-बिहार में भी महादेव की पूजा की परंपरा है। उन्होंने कहा कि इस विषय को द्रविड़ और आर्य के चश्मे से देखना मूल प्रश्न से भटकाव है।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के राम मंदिर संबंधी बयान पर सिन्हा ने कहा कि यह आस्था और श्रद्धा का विषय है। उन्होंने तिरुपति बालाजी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भगवान का बुलावा आता है, तभी दर्शन मिलते हैं — यह भारत की धार्मिक आस्था की गहराई को दर्शाता है।
भाजपा अध्यक्ष की नसीहत और दिव्या मित्तल पर बयान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा पार्टी नेताओं को महंगे उपहार और सोने-चांदी के मुकुट न लेने की सलाह पर सिन्हा ने पलटवार करते हुए कहा कि अध्यक्ष को यही मर्यादा और शुचिता का सिद्धांत प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग से जुड़े व्यक्तियों पर भी लागू करना चाहिए। आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने भविष्य का निर्णय लेने की स्वतंत्रता है, बशर्ते वह जनता की सेवा निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से करे।
गारंटी योजनाएँ और आगे की रणनीति
कर्नाटक में सरकारी गारंटी योजनाओं से आर्थिक बोझ बढ़ने की चर्चा पर सिन्हा ने कहा कि राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ना वास्तविक चिंता का विषय है और इसके लिए केंद्र की नीतियाँ जिम्मेदार हैं। उन्होंने झारखंड की महिला सम्मान योजना को गरीब महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का उदाहरण बताया। इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक में अखिलेश यादव की संभावित अनुपस्थिति पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का गठबंधन में प्रतिनिधित्व बना रहेगा। वोट चोरी और एसआईआर पर विपक्ष की एकजुट रणनीति बैठक में तय होगी — और यह विवाद आने वाले दिनों में और गर्माने के संकेत दे रहा है।