2 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 5 अक्टूबर को करेगा सुनवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 5 अक्टूबर को करेगा सुनवाई

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय 5 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। आरोप है कि एसआईआर के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम एकतरफा हटाए गए — और अब कोर्ट से सीईसी को पद से रोकने तक की माँग की जा रही है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर 5 अक्टूबर 2026 को सुनवाई निर्धारित।
सीजेआई सूर्यकांत , न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी.
मोहना की पीठ मामला सुनेगी।
याचिका में आरोप — एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए।
ईसीआईनेट और ईआरओनेट का फॉरेंसिक ऑडिट तथा सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एसआईटी जाँच की माँग।
सुनवाई पूरी होने तक ज्ञानेश कुमार को सीईसी पद से रोकने की भी अपील की गई है।

सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर 5 अक्टूबर 2026 को सुनवाई निर्धारित की गई है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिकाओं में विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े कथित एकतरफा फैसलों और मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया गया है।

याचिकाओं में क्या माँगें हैं

याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर से जुड़े कथित एकतरफा फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की माँग की है। इसके अलावा ईसीआईनेट और ईआरओनेट का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी अपील की गई है।

याचिकाओं में चुनाव आयोग के मूल रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग और बैठकों के कार्यवृत्त को अदालत के समक्ष तलब करने की माँग भी शामिल है। सीईसी ज्ञानेश कुमार से आयोग की सामूहिक शक्ति के इस्तेमाल का कानूनी आधार स्पष्ट करने को भी कहा गया है।

13 करोड़ नाम हटाने का आरोप

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए। उनका तर्क है कि यदि यह निर्णय एकतरफा लिया गया और सॉफ्टवेयर में अनधिकृत बदलाव किए गए, तो यह भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद को कमज़ोर करता है।

गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता का मुद्दा पिछले कई चुनावों से विवाद का केंद्र रहा है, और इस बार याचिकाकर्ताओं ने इसे सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाने का निर्णय लिया है।

एसआईटी या न्यायिक जाँच की माँग

याचिकाओं में सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एसआईटी (विशेष जाँच दल) या न्यायिक जाँच कराने की अपील की गई है। साथ ही सीईसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी माँग की गई है।

सुनवाई तक सीईसी को रोकने की माँग

याचिकाओं में सबसे महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील माँग यह है कि जब तक इस पूरे मामले की सुनवाई पूरी न हो जाए, तब तक ज्ञानेश कुमार को सीईसी के पद पर कार्य करने से रोका जाए। यह माँग मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है।

यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर राजनीतिक हलकों में बहस तेज़ हो रही है। 5 अक्टूबर को सीजेआई की पीठ इस मामले में जो रुख अपनाती है, वह आगामी चुनावी प्रक्रियाओं पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली मुद्दा यह है कि ईसीआईनेट जैसे डिजिटल तंत्रों का ऑडिट न होना, डेटा-संचालित मतदाता हेरफेर की संभावना को खुला छोड़ता है। यदि अदालत रिकॉर्ड तलब करती है, तो यह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की अभूतपूर्व न्यायिक समीक्षा का मार्ग खोल सकता है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में क्या मामला है?
याचिकाकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाएँ दाखिल की हैं, जिनमें एसआईआर से जुड़े कथित एकतरफा फैसलों और मतदाता सूची में बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की माँग है। इस मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को सीजेआई सूर्यकांत की पीठ करेगी।
एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से कितने नाम हटाए गए?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि एसआईआर (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह निर्णय कथित तौर पर एकतरफा लिया गया, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में कौन-सी पीठ सुनवाई करेगी?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ 5 अक्टूबर 2026 को इस मामले की सुनवाई करेगी।
याचिकाकर्ताओं ने ईसीआईनेट और ईआरओनेट के ऑडिट की माँग क्यों की है?
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों में अनधिकृत बदलाव किए गए। इसलिए उन्होंने इन प्रणालियों का फॉरेंसिक ऑडिट कराने और चुनाव आयोग के मूल रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग तथा बैठकों के कार्यवृत्त को अदालत के सामने रखने की माँग की है।
क्या ज्ञानेश कुमार को सीईसी पद से हटाने की माँग की गई है?
याचिकाओं में सुनवाई पूरी होने तक ज्ञानेश कुमार को सीईसी के पद पर कार्य करने से अंतरिम रूप से रोकने की माँग की गई है। साथ ही सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एसआईटी या न्यायिक जाँच का आग्रह भी किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले