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राहुल गांधी की चेतावनी: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 'वोट चोरी' में जाएंगे जेल

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राहुल गांधी की चेतावनी: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 'वोट चोरी' में जाएंगे जेल

सारांश

रामलीला मैदान की रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधे जेल का दावा ठोका — मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाने और ईवीएम के ज़रिए 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए। यह विपक्ष का अब तक का सबसे तीखा और व्यक्तिगत हमला है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में CEC ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया और जेल जाने की चेतावनी दी।
आरोप है कि मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाए गए और ईवीएम के ज़रिए चुनावी धांधली की गई।
गांधी ने इसे कानूनी भाषा में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का मामला बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी कथित संवैधानिक उल्लंघन के परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
रैली को इंडिया गठबंधन की 'दिल्ली चलो' मुहिम के तहत आयोजित किया गया था।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन इंडिया की 'दिल्ली चलो' रैली को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्हें इसके लिए मुकदमे का सामना करना पड़ेगा तथा जेल जाना होगा। गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी कथित संवैधानिक उल्लंघन के परिणाम भुगतने होंगे।

रैली में मुख्य आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने ईवीएम के इस्तेमाल और मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाने के ज़रिए वोट चोरी को अंजाम दिया। उनके अनुसार यह कोई साधारण मामला नहीं, बल्कि कानूनी भाषा में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम) श्रेणी का अपराध है।

गांधी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह देशद्रोह और हर नागरिक की आवाज़ की चोरी के समान है।" यह बयान विपक्षी गठबंधन के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है।

मोदी शाह पर भी निशाना

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि जब गृह मंत्री अमित शाह यह घोषणा करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जा रहे, तो विपक्ष उन्हें स्पष्ट कर देना चाहता है कि जब तक वे अपने किए की सज़ा का सामना नहीं करते, उन्हें कहीं जाने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त 'वोट चोरी' के कथित पाप के कारण रातों की नींद खो चुके हैं। गांधी ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर देश के संस्थानों और सरकारी एजेंसियों को नियंत्रित करने का भी आरोप जड़ा।

लोकतंत्र और संविधान का संदेश

राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनावों में कथित धांधली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रामलीला मैदान में जुटी भारी भीड़ देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज़ है। उन्होंने कहा कि कोई कितना भी शक्तिशाली और अमीर क्यों न हो, वह संविधान से बड़ा नहीं हो सकता।

गांधी ने इस रैली को लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुटता और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि देश के नागरिक नफरत और हिंसा वाला भारत नहीं चाहते और न ही ऐसा देश चाहते हैं जिसे कुछ अमीर लोग नियंत्रित करें।

मोहब्बत की दुकान का जिक्र

राहुल गांधी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि उनका कोई दुश्मन नहीं है और वे भाईचारे तथा अहिंसा में विश्वास करते हैं। उन्होंने अपनी चर्चित अवधारणा 'मोहब्बत की दुकान' का उल्लेख करते हुए समर्थकों को भरोसा दिलाया कि यह जल्द ही फिर से खुलेगी।

यह रैली ऐसे समय में आयोजित की गई है जब विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की स्वायत्तता और ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता रहा है। आने वाले दिनों में इन आरोपों पर सत्तापक्ष और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और चुनाव आयोग ने इन दावों पर अपना पक्ष सार्वजनिक नहीं किया है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस अभियान को ठोस कानूनी चुनौती में बदल पाएगा, या यह रैली दर रैली मंच तक सीमित रहेगा — क्योंकि अदालत और सड़क की राजनीति के बीच फासला अक्सर कहीं ज़्यादा बड़ा साबित होता है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार ने ईवीएम के इस्तेमाल और मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाकर 'वोट चोरी' की। उन्होंने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का मामला बताते हुए कहा कि इसके लिए ज्ञानेश कुमार को मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और जेल जाना होगा।
'दिल्ली चलो' रैली क्या थी और इसे किसने आयोजित किया?
यह रैली 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन इंडिया द्वारा आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में कथित धांधली के विरोध में जनसमर्थन जुटाना और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा का संदेश देना था।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बारे में क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी लोकतंत्र और संविधान पर कथित हमले के परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ये नेता अपने किए की सज़ा का सामना नहीं करते, विपक्ष उन्हें निर्बाध नहीं जाने देगा।
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग या सरकार का क्या रुख है?
फिलहाल चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से इन विशेष आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। राहुल गांधी के दावों — विशेषकर 13.5 करोड़ नाम हटाने की बात — की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक उपलब्ध नहीं है।
इस रैली का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह रैली इंडिया गठबंधन के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो 2024 लोकसभा चुनाव और बाद के विधानसभा चुनावों में कथित अनियमितताओं को मुद्दा बनाता रहा है। किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सीधे जेल की चेतावनी देना राजनीतिक तौर पर असामान्य है और आने वाले दिनों में इस बयान के कानूनी व संसदीय प्रतिध्वनि की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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