2 अक्टूबर 2026
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ज्ञानेश कुमार इस्तीफा विवाद: राहुल गांधी बोले — 'वो जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया, वो भी जाएगा'

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ज्ञानेश कुमार इस्तीफा विवाद: राहुल गांधी बोले — 'वो जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया, वो भी जाएगा'

सारांश

गांधी जयंती पर राहुल गांधी का दो-टूक संदेश — CEC ज्ञानेश कुमार को जाना होगा और उस 'सिस्टम' को भी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर निषेधाज्ञा, बड़े पैमाने पर हिरासत और राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के बीच विपक्ष ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को केंद्रीय मुद्दा बना दिया है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 2 अक्टूबर 2026 को एक्स पर लिखा कि CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देंगे और उन्हें नियुक्त करने वाला 'सिस्टम' भी बदलेगा।
गांधी जयंती के दिन CJP , वामपंथी छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने नई दिल्ली में CEC के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर BNSS 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की और कई प्रदर्शनकारियों व नेताओं को हिरासत में लिया।
AAP समेत कई विपक्षी दलों के नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे, पुलिस ने उन्हें भी रोका।
चुनाव आयोग ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर देशभर में हुए प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार न केवल पद छोड़ेंगे, बल्कि 'जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वो भी जाएगा।' गांधी जयंती के अवसर पर हजारों युवाओं के सड़क पर उतरने को राहुल गांधी ने संवैधानिक अधिकार का शांतिपूर्ण इस्तेमाल बताया।

राहुल गांधी का एक्स पर बयान

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज गांधी जयंती है और आज ही हजारों नौजवान वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर हैं। शांतिपूर्वक, बिना हिंसा के, अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए। उनकी मांग साफ है — ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।' उन्होंने आगे लिखा, 'बापू ने यही सिखाया था — सच बोलो, शांति से लड़ो और यही सरकार को सबसे ज्यादा डराता है, क्योंकि लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, सवाल नहीं।'

दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP), वामपंथी छात्र संगठनों और अनेक नागरिक समूहों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई अन्य दलों के नेता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा — देश के कई हिस्सों में एक साथ माँग उठाई गई।

विवाद की पृष्ठभूमि

विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और कार्यशैली पारदर्शी नहीं रही है। आलोचकों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में 'वोट चोरी' जैसी अनियमितताएँ हुई हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में चुनाव आयोग की स्वायत्तता और नियुक्ति प्रक्रिया पर बहस तेज हो चुकी है।

राजनीतिक संदर्भ

राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की जयंती पर आंदोलन को प्रतीकात्मक महत्व देने की कोशिश की — अहिंसक प्रतिरोध की गांधीवादी विरासत से इसे जोड़ते हुए। यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जो चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता को केंद्रीय मुद्दा बनाने पर ज़ोर दे रही है। चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

आगे क्या होगा

विपक्ष की माँग और प्रदर्शनों की तीव्रता को देखते हुए, आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसदीय बहस या न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी का यह बयान संकेत देता है कि कांग्रेस इस मसले को दीर्घकालिक राजनीतिक मुद्दे के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़क पर लड़ना चुना है। चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर बहस वैध है, पर उसे व्यक्तिगत इस्तीफे की माँग में समेट देना उस संस्थागत सुधार की बहस को सतही बना देता है जिसकी देश को दीर्घकालिक ज़रूरत है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के बारे में क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देंगे और जिस 'सिस्टम' ने उन्हें नियुक्त किया है, वो भी नहीं बचेगा। उन्होंने गांधी जयंती पर प्रदर्शनकारी युवाओं को संवैधानिक अधिकार का शांतिपूर्ण इस्तेमाल करने वाला बताया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों उठ रही है?
विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि CEC की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी है। प्रदर्शनकारी 'वोट चोरी' के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
2 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में क्या हुआ?
गांधी जयंती पर CJP, वामपंथी छात्र संगठनों और अन्य दलों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस ने BNSS 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों व AAP समेत अन्य दलों के नेताओं को हिरासत में लिया।
क्या चुनाव आयोग ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों या माँगों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले पर सरकार का रुख भी स्पष्ट नहीं हुआ है।
इस प्रदर्शन का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह प्रदर्शन कांग्रेस और विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जो चुनाव आयोग की स्वायत्तता और विश्वसनीयता को एक दीर्घकालिक राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहती है। गांधी जयंती की प्रतीकात्मकता का उपयोग करके इसे व्यापक संवैधानिक आंदोलन का रूप देने की कोशिश की गई।
राष्ट्र प्रेस
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