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राहुल गांधी हिरासत में, ज्ञानेश कुमार इस्तीफे तक रोज़ प्रदर्शन की कांग्रेस की चेतावनी

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राहुल गांधी हिरासत में, ज्ञानेश कुमार इस्तीफे तक रोज़ प्रदर्शन की कांग्रेस की चेतावनी

सारांश

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को जंतर-मंतर जाते समय हिरासत में लेकर छोड़ा गया — लेकिन यह घटना एक बड़े टकराव की शुरुआत हो सकती है। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, हर रोज़ प्रदर्शन होगा।

मुख्य बातें

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को 7 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर जाते समय दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, बाद में रिहा किया।
विरोध प्रदर्शन का मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग है।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने चेतावनी दी कि इस्तीफा मिलने तक रोज़ प्रदर्शन जारी रहेगा।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की।
कांग्रेस नेता अमर सिंह ने दावा किया कि लगभग 13.5 करोड़ वोट हटाए जा चुके हैं — इस आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। दिल्ली पुलिस ने कुछ देर बाद दोनों नेताओं को रिहा कर दिया, लेकिन इस कार्रवाई ने विपक्षी दलों में तीखी प्रतिक्रिया भड़का दी।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार को इंडिया ब्लॉक ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। जंतर-मंतर की ओर बढ़ते समय दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को रोककर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस सांसदों के अनुसार, इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। थोड़ी देर बाद दोनों को छोड़ दिया गया, परंतु विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने साफ कहा, 'हम फिर आएंगे। वे हमें जहाँ भी रोकेंगे, हम वहीं बैठ जाएंगे। वे हमें जहाँ भी उठाकर ले जाएंगे, हम वहाँ जाएंगे, लेकिन जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम हर दिन आएंगे।' कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार को सीईसी पद से नहीं हटाया जाता।

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने दावा किया कि पूरा देश और पूरी कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के साथ खड़ी है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी के साथ धक्का-मुक्की की गई और पुलिस ने बल प्रयोग से लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने की कोशिश की। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस नेता अमर सिंह ने दावा किया कि लगभग 13.5 करोड़ वोट पहले ही हटाए जा चुके हैं, हालांकि इस आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

राज्यों के मुख्यमंत्रियों का बयान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनाव जीतना मुश्किल पाकर अब भारत के चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन की मान्यता प्राप्त जगह है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी जा रही और दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से बदसलूकी की। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कई राज्यों में पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाता रहा है, जिसे चुनाव आयोग ने अस्वीकार किया है। गौरतलब है कि विपक्ष का किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग करते हुए सड़क पर उतरना अपने आप में असाधारण घटना है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार सीईसी पद से नहीं हटते, यह दैनिक प्रदर्शन जारी रहेगा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह आंदोलन आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के नज़रिए से इंडिया ब्लॉक की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सामान्य विरोध-प्रदर्शन की तरह पेश करती है। असली सवाल यह है कि क्या इंडिया ब्लॉक की यह रणनीति चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता पर वास्तविक बहस खड़ी करती है, या फिर यह महज राजनीतिक लामबंदी का उपकरण है। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई — जो केंद्र सरकार के अधीन आती है — से विपक्ष को एक और आख्यान मिल गया है। लेकिन 13.5 करोड़ वोट हटाने जैसे बड़े दावे बिना सत्यापन के सार्वजनिक विमर्श को दिशाभटकाने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी को 7 अक्टूबर को क्यों हिरासत में लिया गया?
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर जाते समय दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। कुछ देर बाद दोनों को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रही है?
इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कई राज्यों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और चुनाव प्रबंधन में स्वायत्तता नहीं दिखा रहे। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को अस्वीकार किया है।
जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में और कौन शामिल थे?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, और कई कांग्रेस सांसद जैसे पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल, कुमारी शैलजा, इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
क्या यह विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा?
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार सीईसी पद से नहीं हटते, हर रोज़ प्रदर्शन जारी रहेगा। सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि पुलिस जहाँ भी रोकेगी, वहीं बैठ जाएंगे।
दिल्ली पुलिस की हिरासत कार्रवाई पर सरकार का रुख क्या है?
दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है।
राष्ट्र प्रेस
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